
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन (Ujjain) की पावन धरा पर शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) के अवसर पर सनातन संस्कृति की अनूठी बानगी देखने को मिली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की जानी-मानी वकील नाजिया इलाही खान (Nazia Elahi Khan) उज्जैन पहुंचीं और मोक्षदायिनी मां शिप्रा के रामघाट पर विधि-विधान से अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जल दान, तर्पण और पिंडदान किया।
नाजिया इलाही ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए और बकरीद के नाम पर उनके द्वारा दी गई बेजुबान जानवरों की कुर्बानी के प्रायश्चित व क्षमा याचना के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया है. उन्होंने इस निर्णय को अपने 35 वर्ष के जीवन का सबसे अहम और खूबसूरत फैसला करार दिया।
उज्जैन के रामघाट पर तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में पूरे रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना करने के बाद नाजिया इलाही खान ने कहा कि तर्पण पूजन करने के बाद उनका मन पूरी तरह हल्का हो गया है। उन्होंने कहा, ”मैंने अपने जीवन में कई बड़े फैसले लिए हैं, लेकिन सर्व पितृ अमावस्या पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन आकर शिप्रा के तट पर पूर्वजों का तर्पण करने का निर्णय मेरे जीवन का सबसे खास और खूबसूरत निर्णय है. अपने पूर्वजों के मोक्ष के साथ-साथ उनके द्वारा जाने-अनजाने में दी गई बकरों की कुर्बानी के लिए भी मैंने ईश्वर से क्षमा याचना की है.”
‘औरंगजेब ने पिता को पानी के लिए तरसाया, ऐसे इतिहास से क्या सीखूं?’
तर्पण के बाद मीडिया से बातचीत में नाजिया इलाही खान ने अन्य मजहब की कुरुतियों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा, ”मुगलकाल में औरंगजेब ने अपने पिता को पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसाया और अपने ही भाई का गला काटा. जहां पूर्वजों और माता-पिता का कोई सम्मानजनक जिक्र न हो, वहां से कोई क्या सीखेगा? दूसरी ओर, सनातन धर्म में पूर्वजों के मोक्ष और तर्पण की इतनी सुंदर व्यवस्था है कि पूजन करते वक्त मैं भावुक हो गई।
सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश में रहती हैं. जब देश का संविधान और कानून उन्हें इसकी अनुमति देता है, और जब गयाजी में अंग्रेज, यहूदी व जैन समाज के लोग तर्पण कर सकते हैं, तो उन पर सवाल उठाने वालों के पास कोई वैज्ञानिक व तथ्यात्मक जवाब नहीं है।
सनातन धर्म अपनाने और धर्म परिवर्तन के दिए संकेत
सनातन धर्म अपनाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए नाजिया इलाही खान ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि जिस गहराई से उन्होंने सनातन धर्म की परंपराओं, दर्शन और सत्य को समझा है, उसके बाद अब आगे यही एक सच्चा मार्ग शेष रह जाता है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही लोगों को उनके औपचारिक धर्म परिवर्तन से जुड़ी खबर भी सुनने को मिलेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved