मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमरावती सीट (Amravati Seat) से पार्टी उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख (Harshjeet Deshmukh) से कई दिनों से संपर्क नहीं होने के दावे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई है कि चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश हो सकती है।
कांग्रेस की अमरावती जिला (ग्रामीण) इकाई के अध्यक्ष अनिरुद्ध देशमुख ने दावा किया कि हर्षजीत देशमुख पिछले चार-पांच दिनों से नागपुर में हैं और पार्टी नेताओं का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है और अमरावती में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी उनका संपर्क टूटा हुआ है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अस्पताल से सामने आए देशमुख
हालांकि, हर्षजीत देशमुख ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी तबीयत खराब थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं थे।
अमरावती सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
अमरावती सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। कांग्रेस ने हर्षजीत देशमुख को मैदान में उतारा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रवीण पोटे-पाटिल चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी ने नीलेश विश्वकर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
18 जून को मतदान
महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों से जुड़ी विधान परिषद की सीटों के लिए मतदान 18 जून को होना है, जबकि मतगणना 22 जून को होगी। इन चुनावों में स्थानीय स्वशासन निकायों के सदस्य मतदान करते हैं।
फिलहाल, कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर उठे सवालों ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है, जबकि पार्टी नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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