
- पिछले साल की तुलना में शहर के लोग कम करा रहे रजिस्ट्रियाँ
उज्जैन। शहर में अचल सम्पत्ति का कारोबार इस वक्त ठहरा हुआ है। यही कारण है कि रजिस्ट्रियों में अधिक गिरावट आई है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल की तुलना में इस साल शुरुआती दो माह में करीब दो हजार रजिस्ट्रियां घटी है, इससे 15 करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान हुआ हैं।
हर साल की तरह इस साल भी एक अप्रैल से उज्जैन में न्यूनतम 15 से 20 फीसदी से लेकर 100 फीसदी तक स्टाम्प ड्यूटी में इजाफा कर दिया है, बावजूद, आय में तो वृद्धि नहीं हुई, वहीं रजिस्ट्रियों की संख्या भी गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 फीसदी घट गई है। उल्लेखनीय है कि उज्जैन में अचल सम्पत्ति का कारोबार इस वक्त ठहरा हुआ है। हालांकि वास्तविक उपयोगकर्ता अभी भी बने हुए हैं। इसके अलावा एक और कारण सम्पदा पोर्टल-2.0 की तकनीकी खामियां और सर्वर का धीमी गति से चलना भी है। 1 अप्रैल 2025 से 31 मई 2025 तक 10 हजार से ज्यादा दस्तावेज पंजीकृत हुए थे, इससे विभाग को करीब 56 करोड़ 16 लाख की कमाई हुई थी। वहीं चालू वित्तीय वर्ष की बात करें तो विभाग को अब तक लगभग 40 करोड़ की कमाई हुई हैं। वह अकड़ा गत वर्ष की तुलना में कम हैं।