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लॉरेंस बिश्नोई की गैंग पर NIA ने कसा शिकंजा, सीज की जाएगी प्रॉपर्टी

नई दिल्ली: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में आरोपी लॉरेंस बिश्नोई की गैंग पर शिकंजा कसता जा रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब गैंगस्टर की प्रॉपर्टी सीज करने की तैयारी कर ली है. इसके साथ ही यमुना नगर में काला राणा की प्रॉपर्टी भी सीज होगी. इतना ही नहीं, सोनीपत और दिल्ली में काला जठेड़ी और उसके गुर्गों से जुड़ी संपत्ति भी जब्त की जाएगी. लॉरेंस बिश्नोई के बमबीहा गैंग पर जांच एजेंसी बड़ी कार्रवाई करेगी. कुछ ही देर बाद पंजाब के सिरस्रा के तख्तमल गांव में बमबीहा की तीन प्रोपर्टी सीज की जाएगी.

एनआईए ने बिश्नोई को 23 नवंबर को गिरफ्तार किया था. वह बठिंडा जेल में बंद था. इससे पहले, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने 4 मार्च को कहा था कि जबरन वसूली और हत्या जैसे संगठित अपराधों में शामिल उत्तर भारत के अपराधियों के खिलाफ जारी जांच के तहत पांच संपत्तियों को कुर्क किया गया है. एनआईए ने एक बयान में कहा था, ‘कुर्क की गई संपत्तियों में दिल्ली में आसिफ खान का एक घर, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सुरेंद्र सिंह उर्फ चीकू के तीन अलग-अलग जगहों पर एक मकान और कृषि भूमि शामिल है.’

बयान के अनुसार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गैंगस्टर और उनके सहयोगियों से जुड़े 76 स्थानों पर एजेंसी द्वारा फरवरी में की गई छापेमारी के मद्देनजर ये कुर्की और जब्ती की गई है. यह कार्रवाई एनआईए द्वारा अगस्त, 2022 में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत तीन प्रमुख संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित है.

इन सिंडिकेट ने अपने ‘माफिया-शैली के आपराधिक नेटवर्क को उत्तरी राज्यों में फैलाया है और ये कई सनसनीखेज अपराधों में शामिल है, जैसे कि लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और व्यापारियों और पेशेवरों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली.’ एजेंसी ने कहा था कि इन अपराधों में महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी और पंजाब में एक अंतरराष्ट्रीय कबड्डी आयोजक संदीप नंगल अंबिया की हत्या शामिल है.

एनआईए ने कहा कि इनमें से कई अपराधों की साजिश रचने के षडयंत्रकर्ता पाकिस्तान और कनाडा में बैठे थे और सिंडिकेट के कुछ सरगना ने जेलों से ही वारदातों की साजिश बनाई थी. बयान में कहा गया कि कुर्क की गई संपत्तियां ‘आतंकवाद की आय’ के तहत पाई गई और इन संपत्तियों का इस्तेमाल आतंकी साजिश रचने और अपराधों को अंजाम देने में किया गया था.

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