
न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी अपने एक पोस्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल उन्होंने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए ‘नकबा’ की याद में एक विवादित वीडियो पोस्ट किया। मेयर के इस पोस्ट के बाद यहूदी संगठनों और स्थानीय नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की। ‘नकबा’ एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ ‘तबाही’ होता है। इसका इस्तेमाल 1948 में इस्राइल की स्थापना और उससे जुड़े फलस्तीनियों के विस्थापन को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।
न्यूयॉर्क मेयर ममदानी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों पर जो वीडियो शेयर किया, उसमें न्यूयॉर्क की रहने वाली इनिया बुशनाक का इंटरव्यू शामिल है, जिन्हें ममदानी ने नकबा सर्वाइवर बताया। वीडियो में बुशनाक 1948 के युद्ध के दौरान अपने परिवार के यरुशलम छोड़ने के बारे में बताती हैं। उनका दावा है कि यहूदियों के यरुशलम आने के कारण उनके परिवार को वहां से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वीडियो के साथ ममदानी की पोस्ट में लिखा था, ‘आज नकबा डे है, जो 1947 से 1949 के बीच इस्राइल के गठन और उसके बाद 7 लाख से ज्यादा फलस्तीनियों के विस्थापन की याद में मनाया जाने वाला वार्षिक दिन है।’ वहीं, ममदानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दावा किया गया कि यहूदी मिलिशिया ने 400 से ज्यादा गांवों को तबाह कर दिया और बड़े पैमाने पर हत्याएं कीं। वीडियो के आखिर में लिखा था, ‘फलस्तीनियों के लिए उनका विस्थापन और नकबा आज भी जारी है।’
वीडियो में अरब देशों द्वारा यूएन पार्टीशन प्लान को खारिज किए जाने या पड़ोसी अरब देशों की ओर से नवगठित यहूदी राष्ट्र के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध का कोई जिक्र नहीं किया गया। न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय की ओर से मेयर ममदानी के इस पोस्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया आने लगी। लोगों ने न केवल वीडियो में कथित ऐतिहासिक तथ्यों के तोड़-मरोड़ का आरोप लगाया, बल्कि इसके पोस्ट किए जाने के समय पर भी सवाल उठाए। मेयर कार्यालय ने शुक्रवार शाम 5:40 बजे यह वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो यहूदी समुदाय के शबात मनाने से ठीक कुछ देर पहले अपलोड की गई।
न्यूयॉर्क के यूजेए-फेडरेशन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘आपने इसे पोस्ट करने के लिए शुक्रवार शाम 5:40 बजे का समय चुना, जब न्यूयॉर्क के यहूदी लोग शबात की मोमबत्तियां जलाने की तैयारी कर रहे थे। हमने इसे देखा।’ हालांकि, ममदानी की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले भी वह इस्राइल के खिलाफ और फलस्तीन के समर्थन में बयान दे चुके हैं।
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