img-fluid

चरक अस्पताल में नहीं एमआरआई मशीन

October 01, 2026

उज्जैन। चरक अस्पताल में एमआरआई मशीन नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को निजी लैब में जांच कराने जाना पड़ रहा है। इसके अलावा यहां सोनोग्राफी और एक्स रे मशीन की संख्या भी पर्याप्त नहीं हैं।



  • गौरतलब है कि चरक अस्पताल उज्जैन का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां कई शहरों से रेफर हुए मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं, यहां प्रतिदिन की ओपीडी करीब एक से डेढ़ हजार मरीजों की होती है। यहां प्रतिदिन करीब 40 मरीज सीटी स्कैन और सोनोग्राफी की जांच के लिए आते हैं, जबकि दो से तीन मरीजों को एमआरआई जांच की आवश्यकता होती है। लेकिन अस्पताल में एमआरआई मशीन नहीं होने के कारण मरीज जांच के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाने के लिए मजबूर हैं। निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर एमआरआई कराने के लिए मरीजों को पांच से दस हजार रुपये तक शुल्क देना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि सड़क हादसों में घायल होने के बाद ज्यादातर मरीज निजी अस्पताल में जाने के बजाय चरक अस्पताल की इमरजेंसी में ही जाते हैं। ऐसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की एमआरआई करवाना जरूरी होती हैं। एमआरआई मशीन नहीं होने के कारण घायलों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। वहीं अस्पताल में मरीजों की संख्या के हिसाब से चिकित्सकों की भी कमी है। इसके अलावा अन्य स्टॉफ भी कम है। इससे व्यवस्थाओं के संचालन में परेशानी होती है।

    Share:

  • सनातन धर्म आयोग में संतों से लेकर न्यायविदों तक को मिले प्रतिनिधित्व

    Thu Oct 1 , 2026
    जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेश आनंद गिरि ने मुख्यमंत्री को भेजा प्रस्ताव धार्मिक स्थलों और परंपराओं से जुड़े बड़े फैसलों से पहले आयोग से राय लेने का सुझाव उज्जैन। सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक स्थलों, मंदिरों, मठों, अखाड़ों और परंपराओं पर होने वाले फैसलों के लिए मध्यप्रदेश में सनातन धर्म आयोग या समानांतर संस्था […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved