नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। इस बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नाम से वायरल एक पैरोडी (व्यंग्यात्मक) सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तंज कसा। पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने केवल इतना लिखा— “काश ऐसा होता।”
सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप की शैली में लिखा गया है। इसमें मजाकिया अंदाज में दावा किया गया है कि ट्रंप जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का समर्थन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सराहना कर रहे हैं।
पोस्ट में लिखा गया है कि जम्मू-कश्मीर में बड़ा बदलाव हो रहा है और उमर अब्दुल्ला पूरी मजबूती के साथ राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही, ट्रंप के चर्चित चुनावी नारे की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर को फिर से महान बनाने जैसी बातें भी लिखी गई हैं।
हालांकि यह पोस्ट वास्तविक नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक पैरोडी है।
इससे पहले उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया था। जम्मू में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी 20 जुलाई से इस मांग को लेकर नया आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने बताया कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी और केंद्र सरकार से अपने वादे को पूरा करने की मांग उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने करीब दो वर्षों तक केंद्र सरकार को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए पर्याप्त समय दिया, लेकिन अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या अब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील करनी पड़ेगी या फिर व्हाइट हाउस के बाहर जाकर प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के बजाय उनकी पार्टी देश की राजधानी दिल्ली में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाएगी।
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में पुनर्गठित किए जाने के बाद से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार उठती रही है।
2024 के विधानसभा चुनाव के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार द्वारा प्रस्तावित यह प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ पहला बड़ा राजनीतिक आंदोलन माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से राज्य का दर्जा बहाल कराने की मांग जारी रखेगी।
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