
नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण पर पीएम मोदी बोले आवश्यकता तो ये थी कि 25—30 साल पहले, जब ये विचार सामने आया तभी इसे लागू कर देते। आज हम इसे काफी परिपक्वता तक पहुंचा देते। आवश्यकतानुसार उसमें समय समय पर सुधार होते और यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती होती है।
राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं, और उस समय की समाज की मन स्थिति एवं नेतृत्व की क्षमता उस पल को कैप्चर कर एक राष्ट्र की अमानत बना देती हैं, एक मजबूत धरोहर तैयार करती हैं। भारत के संसदीय इतिहास में ये वैसा ही पल है।
हम सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें। हम भारतीय मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था को एक संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह देश की राजनीति के रूप-स्वरूप को तय करने के साथ देश की दिशा और दशा भी तय करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं को नीति निर्धारण का हिस्सा बनाना समय की मांग है। पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक महिलाएं आना चाहती हैं। कुछ लोग अपनी सीट खोने की वजह से इस बिल का विरोध कर रहे हैं। जो आज इस बिल का विरोध करेगा वह लंबे समय तक कीमत चुकाएगा। साथ मिलकर इस बिल को पास कराएंगे तो सभी का फायदा होगा। ये लोग पंचायत में महिला आऱक्षण का विरोध नहीं करते हैं। जो इस बिल का विरोध करेगा वह चुनाव हार जाएगा।
महिला आरक्षण कानून पर लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। एक विकसित भारत का अर्थ केवल बेहतर बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलूं। सभी समाज की महिलाओं को पार्लियामेंट में आने दें। समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण बिल पास कराए।
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