
नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) में इमरान खान (Imran Khan) की रिहाई (Release) की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का लंबा मार्च गुरुवार शाम पेशावर पहुंच गया. खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इस काफिले की अगुवाई कर रहे हैं. पार्टी के मुताबिक, यह मार्च लगातार पांचवें दिन जारी है और समर्थक इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं.
PTI ने 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से यह मार्च शुरू किया था. पार्टी ने शुरुआत में इस काफिले को इस्लामाबाद तक ले जाने की बात कही थी, लेकिन अब तक आगे का रास्ता साफ नहीं है. मुख्यमंत्री अफरीदी ने भी 8 अक्टूबर के बाद मार्च के अगले चरण को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं दी है.
PTI के ऑफीशियल X अकाउंट पर शाम करीब 6 बजे जानकारी दी गई कि अफरीदी का काफिला पेशावर के हयाताबाद टोल प्लाजा पहुंच गया है. वहां सैकड़ों समर्थक उनके स्वागत के लिए जुटे थे. समर्थकों को संबोधित करते हुए अफरीदी ने इसे ‘असली आजादी की लड़ाई’ बताया.
उन्होंने कहा कि रास्ते में कुछ तकलीफें हो सकती हैं, लेकिन इमरान खान जेल में जो दर्द झेल रहे हैं, वह उससे कहीं ज्यादा बड़ा है. उन्होंने कहा कि पार्टी के समर्थक इमरान खान के लिए अपनी जान तक कुर्बान करने से पीछे नहीं हटेंगे. PTI की ओर से साझा किए गए वीडियो में अफरीदी ‘इमरान खान को रिहा करो’ के नारे लगाते नजर आए. समर्थकों ने भी उनके साथ नारे लगाए.
लक्की मरवत से पेशावर तक पहुंचा काफिला
यह मार्च खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों से गुजर चुका है. दूसरे दिन प्रदर्शनकारी कोहाट पहुंचे थे. 6 अक्टूबर की रात उन्होंने पेशावर के बाहरी इलाके मटानी में डेरा डाला. इसके बाद 7 अक्टूबर को काफिला खैबर जिले पहुंचा और फिर प्रांतीय राजधानी की ओर बढ़ा.
सरकार और PTI के बीच बढ़ा तनाव
PTI और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है. सरकार ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन और सभाओं को लेकर पार्टी को चेतावनी दी है. वहीं, PTI ने सप्ताहांत में सरकार के साथ बातचीत नाकाम रहने के बाद मार्च जारी रखने का फैसला किया. दोनों पक्षों के बीच आतंकवाद से निपटने की सरकारी नीति को लेकर भी मतभेद हैं. यह प्रदर्शन पहले 27 सितंबर को होना था, लेकिन इसे टालकर 4 अक्टूबर कर दिया गया था.
मार्च के पेशावर पहुंचने से पहले बुधवार रात से शहर के कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित होने की खबर आई. अब नजर इस बात पर है कि PTI अपने मार्च को आगे कहां तक ले जाती है और इमरान खान की रिहाई की मांग पर सरकार का रुख क्या रहता है. फिलहाल, पाकिस्तान में यह विरोध प्रदर्शन सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव का एक और बड़ा केंद्र बन गया है.
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