नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात के साणंद (Sanand, Gujarat) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सोशल मीडिया पर चर्चित संवाद ‘सुन रहे हो ना, विनोद’ का जिक्र किया। प्रधानमंत्री के इतना कहते ही कार्यक्रम स्थल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।
दरअसल, प्रधानमंत्री साणंद में ‘सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ (CG OSAT) सुविधा के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया ने अपने भाषण में गुजराती की दो प्रसिद्ध कहावतों का उल्लेख किया।
सुबैया ने कहा कि सरकार का विकास को लेकर दृष्टिकोण पूरी तरह स्पष्ट है और अब उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह उसी दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने गुजराती कहावत ‘निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऊंचे लक्ष्य तक न पहुंच पाना स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन छोटे लक्ष्य तय करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी छोटे लक्ष्य लेकर आगे नहीं बढ़ना चाहती।
अपने संबोधन में सुबैया ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी की पहली सेमीकंडक्टर चिप खेप जापान स्थित साझेदारों के पास भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बन रहा है। इसी क्रम में उन्होंने दूसरी गुजराती कहावत ‘काम बोले छे’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी का काम ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “सुबैया जी ने ‘काम बोले छे’ कहा… सुन रहे हो ना, विनोद… काम बोलता है।” प्रधानमंत्री के इस संवाद पर कार्यक्रम में मौजूद लोग और मंच पर बैठे अतिथि हंस पड़े और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश में स्वदेशी सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पहल और भारत को वैश्विक चिप निर्माण एवं आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
गौरतलब है कि ‘सुन रहे हो ना, विनोद’ और ‘देख रहे हो ना, विनोद’ जैसे संवाद सोशल मीडिया और वेब कंटेंट की दुनिया में लंबे समय से लोकप्रिय मीम का हिस्सा रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग संदर्भों में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
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