
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने जबलपुर क्रूज हादसे पर शोक व्यक्त कर (Expressed condolences on Jabalpur Cruise Accident) अनुग्रह राशि की घोषणा की (Announced Ex-gratia) । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर हुए दुखद क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है और अभी कम से कम चार यात्री लापता हैं ।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया कि पीएम मोदी ने जान-माल के नुकसान को ‘बेहद दुखद’ बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। पीएम ने ‘एक्स’ पर लिखा कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज पलटने से हुई जान-माल की हानि बेहद दुखद है। इस दुखद दुर्घटना में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की। उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संस्कारधानी जबलपुर में हुए क्रूज हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। दुर्घटना में रेस्क्यू टीम के जिन सदस्यों ने लोगों को पानी से निकाला, उनका 15 अगस्त को सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि लापता यात्रियों का पता लगाने के भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। नागरिक अधिकारियों और आपदा राहत टीमों के साथ मिलकर सेना ने अभियान शुरू किया। सेना की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन से अनुरोध मिलने के बाद उसके ‘मध्य भारत क्षेत्र’ ने तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान शुरू कर दिए।
शत्रुजीत ब्रिगेड के प्रशिक्षित गोताखोरों सहित एक जूनियर कमीशंड अधिकारी और 13 सैनिकों को हवाई मार्ग से जबलपुर ले जाया गया और दुर्घटना स्थल पर तैनात किया गया। शुक्रवार को अपने आधिकारिक बयान में सेना ने कहा कि नागरिक प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों के साथ घनिष्ठ समन्वय में तलाशी और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। पानी के नीचे की बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद, हमारे जवान लापता यात्रियों का पता लगाने और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं।
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