img-fluid

राजस्थान के निकाय चुनावों में जनादेश का खुलेआम अपमान हुआ – पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

September 27, 2026


जयपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि राजस्थान के निकाय चुनावों में (In Rajasthan’s Civic Body Elections) जनादेश का खुलेआम अपमान हुआ (Public Mandate was openly Insulted) ।


  • राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों के संपन्न होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा बयान जारी करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि इन चुनावों में सत्ता, प्रशासन और धनबल का ऐसा खुला दुरुपयोग हुआ है जैसा आजादी के बाद प्रदेश में कभी नहीं देखा गया। गहलोत ने दावा किया कि जनादेश का खुलेआम अपमान हुआ है और जनता में यह धारणा बन चुकी है कि भाजपा समर्थित बोर्ड अब निकायों में भ्रष्टाचार और लूट के नए रिकॉर्ड बनाएंगे। ‘शहर को प्रथम नागरिक मिलने का उत्साह गायब है । पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “अमूमन जब शहर में नया मेयर या सभापति बनता है, तो शहरवासियों में एक स्वाभाविक खुशी और उत्साह होता है कि शहर को उसका प्रथम नागरिक मिला है, लेकिन इस बार वह बात पूरी तरह गायब है, क्योंकि लोग जानते हैं कि जनादेश का सम्मान नहीं हुआ है।” गहलोत ने कहा कि जनता के बीच यह संदेश गया है कि भाजपा ने पैसे और दबाव की राजनीति के दम पर मेयर और चेयरमैन बनाए हैं, और अब ये बोर्ड निकायों के संसाधनों को लूटने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।

    चुनाव पूर्व की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि जीत सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन के नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं । कांग्रेस समर्थित प्रभाव वाले 3 से 4 वार्डों को जबरन मिलाकर एक कर दिया गया, जबकि भाजपा के प्रभाव वाले एक-एक वार्ड को 2 से 3 वार्डों में विभाजित कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस स्तर की बेईमानी की गई कि एक ही छत के नीचे रहने वाले पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के वोट अलग-अलग वार्डों में काट दिए गए। सरकार ने एक साल तक चुनाव टालने की कोशिश की और अंततः उच्च न्यायालय की फटकार के बाद ही चुनाव कराने को विवश हुई। इसके बाद चुनाव जीतने के लिए पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का निर्लज्ज इस्तेमाल किया गया।

    गहलोत ने विशेष रूप से नई पीढ़ी के मतदाताओं की चिंता का जिक्र करते हुए कहा “आजादी के बाद राजस्थान में पहली बार सत्ता और धनबल का ऐसा खुला खेल देखने को मिला है। यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुखदायी है, खासकर उन युवाओं और जेन-जी के लिए जिन्होंने पहली बार वोट देकर अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी निभाई थी।” निकाय चुनाव में जीतने वाले सभी कांग्रेस पार्षद और जनप्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने सत्ता की ताकत और सरकारी मशीनरी से सीधा मुकाबला कर जीत हासिल की। पंचायतीराज चुनाव की तैयारी: गहलोत ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि आने वाले त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनावों में भी भाजपा की नीतियों का मजबूती से मुकाबला कर पार्टी को विजय दिलानी है।

    Share:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त "वैनिश कुमार" के हटने तक आंदोलन जारी रहेगा - पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

    Sun Sep 27 , 2026
    कोलकाता । पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Former Chief Minister Mamata Banerjee) ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त “वैनिश कुमार” के हटने तक (Until Chief Election Commissioner “Vanish Kumar” Steps Down) आंदोलन जारी रहेगा (Agitation will Continue) । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved