
रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को फिर से खड़ा करने और मजबूत बनाने की बड़ी कवायद शुरू हो गई है. रायपुर के पास अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में इन दिनों कांग्रेस का संगठनात्मक मंथन चल रहा है. यहां प्रदेश के सभी 41 नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है. इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी रही. राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन से लेकर जमीनी राजनीति तक के महत्वपूर्ण गुर सिखाए.
प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन राहुल गांधी रायपुर पहुंचे. एयरपोर्ट से वे सीधे अभनपुर के प्रशिक्षण शिविर स्थल पहुंचे. राहुल गांधी ने वहां करीब 4 घंटे तक जिला अध्यक्षों के साथ लंबा संवाद किया. उन्होंने एक-एक कर जिला अध्यक्षों की बातें सुनीं और उन्हें संगठन को सक्रिय करने के तरीके बताए. इससे पहले उन्होंने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से राज्य में पार्टी की स्थिति और संगठन को लेकर औपचारिक चर्चा भी की. राहुल गांधी का मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व का सीधा मार्गदर्शन जिला अध्यक्षों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा.
प्रशिक्षण सत्र के दौरान राहुल गांधी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर सबसे अधिक जोर दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाना जिला अध्यक्षों की मुख्य जिम्मेदारी है. राहुल गांधी ने नेताओं को मंत्र दिया कि वे जनता के बीच जाएं और उनके मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएं. पार्टी का लक्ष्य है कि हर गांव में कांग्रेस का कार्यकर्ता सक्रिय रहे. इस दौरान जिला अध्यक्षों को जनसंपर्क और जनआंदोलन चलाने की बारीकियां भी सिखाई गईं.
यह प्रशिक्षण शिविर केवल कमरे के भीतर की चर्चा तक सीमित नहीं है. इसमें जिला अध्यक्षों को फील्ड विजिट और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए नेतृत्व कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कांग्रेस आगामी समय में प्रदेश में ‘जल, जंगल और जमीन’ के मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी में है. पार्टी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों और ग्रामीणों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं. राहुल गांधी ने निर्देश दिए हैं कि कांग्रेस इन अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर 20 जून से शुरू हुआ है. कांग्रेस आगामी चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक मजबूती को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना चुकी है. छत्तीसगढ़ को कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति में एक महत्वपूर्ण राज्य माना जा रहा है. पार्टी को उम्मीद है कि इस 10 दिवसीय शिविर से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले जिला अध्यक्ष संगठन में नई ऊर्जा भरेंगे. राहुल गांधी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ को लेकर बेहद गंभीर है.
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