
उज्जैन। 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ में आने वाले श्रध्दालुओं को साइबर अपराध से बचाने और तुरंत मदद देने के उद्देश्य से राज्य साइबर सेल साइबर वॉरियर्स तैयार कर रही है। अब तक उज्जैन और इंदौर के कॉलेजों से इसके लिए 1884 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।
राज्य साइबर सेल के डीएसपी सुभाषसिंह ने बताया कि सिहस्थ के दौरान उज्जैन और इंदौर में लाखों की संख्या में श्रध्दालुओं के आने का अनुमान है। इस दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से उनके साथ ठगी की संभावना अधिक होती है, क्योंकि लोग टैक्सी बुकिंग, ऑनलाइन होटल बुकिंग, क्यूआर कोर्ड, ऑनलाइन पेमेंट और फर्जी वेबसाइड से ठगी का शिकार हो सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य साइबर सेल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। साइबर सेल इसके लिए 2000 साइबर वॉरियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए इंदौर और उज्जैन के कॉलेजों को जोड़ा जा रहा है। इंदौर के 20 और उज्जैन के 13 कॉलेजो के 1884 छात्रों ने साइबर वॉरियर्स बनने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनका प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए रोजाना एक ग्रुप को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये लोग सिंहस्थ के दौरान जहां कैम्प कर लोगों को साइबर अपराधों से जागरूक करेंगे और यदि कोई ठगी का शिकार होता है तो तुरंत उसकी मदद करेंगे, ताकि उसकी राशि वापस मिल सके। शिवरात्रि पर प्रयोग के तौर पर साइबर सेल ने उज्जैन में कैम्प लगाया था और ठगी के शिकार लोगों को तुरंत मदद दी थी।