
उज्जैन। जमीन खरीदी बिक्री कारोबार में उतार चढ़ाव के बाद भी उज्जैन ने चालू वर्ष में अब तक रजिस्ट्री से कुल 187 करोड़ 52 लाख रुपए की कमाई की हैं जो पिछले साल इसी अवधि में हुई आय की तुलना अधिक हैं।
मौजूदा वित्तीय वर्ष के पांच महीने बीत चुके हैं और इन दिनों में उज्जैन जिले में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति की खरीदी-बिक्री हुई है। इस खरीदी-बिक्री के लिए चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी से राज्य सरकार को 187.52 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। गत वर्ष अप्रैल से अगस्त तक के पांच महीनों में सरकार को केवल 173.42 करोड़ रुपये का ही राजस्व मिला था। इस तरह देखा जाए तो पिछले साल की तुलना में यह 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 1 अप्रैल से लेकर 30 अगस्त तक विभाग ने रजिस्ट्रियों के जरिए 187.52 करोड़ का राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती पाँच महीनों में हुई आय की तुलना में अधिक हैं। इस साल की शुरूआत से ही विभाग ने रोजाना एक से डेढ़ करोड़ तक की आय केवल रजिस्ट्री से प्राप्त की है। संभावना है गणेश उत्सव और अन्य बड़े त्यौहारों के दिनों में यह आंकड़ा ओर बढ़ जाएगा। दरअसल संपत्ति में निवेश के लिए उज्जैन स्थानीय ही नहीं, व्यापार की दृष्टि से भी बाहरी लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण उज्जैन की आबोहवा और चौमुखी विकास है, वहीं उज्जैन एक धार्मिक पर्यटन नगरी हैं। यहाँ ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर भी हैं। इन तमाम खूबियों के कारण ही उज्जैन लगातार फलता-फूलता जा रहा है। वैसे तो उज्जैन में चारों तरफ संपत्ति की खरीदी-बिक्री चल रही है, लेकिन इसमें सर्वाधिक रुझान इंदौर रोड, देवास रोड और नागदा बायपास रोड पर देखने को मिल रहा हैं।
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