
उज्जैन। मानसून समाप्त हो चुका है। जल्द ही सर्दी शुरू होगी। मौसम बदलने के साथ कई बीमारियां दस्तक देना शुरू कर देती हैं। मौसमी बीमारियों से बचने के लिए विशेष सावधानी रखना जरूरी है। उज्जैन में हाल ही के वर्षों में कम उम्र के युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ प्रमुख घटनाएं निम्नलिखित हैं।
तीन दिन पहले उज्जैन की श्रीकृष्ण कॉलोनी निवासी एवं सेंट थॉमस स्कूल में 10वीं कक्षा में पढऩे वाले छात्र विधान कुशवाह को स्कूल बस में चढ़ते समय अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आ गया। पलक झपकते ही बेसुध होकर गिरे मासूम को लोगों ने तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसी प्रकार कांग्रेस नेता माया राजेश त्रिवेदी का भी अचानक हृदय घाट की वजह से निधन हो गया हैं। हाल ही की घटनाओं ने पूरे शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे पढ़ाई का अत्यधिक दबाव, तनाव, देर रात तक जागना और स्ट्रेस हार्मोन्स का बढऩा प्रमुख कारण हो सकते हैं। अचानक दिल का दौरा आने से युवा वर्ग भी मौत का शिकार बन रहा है। युवा वर्ग फास्ट फूड, मिर्च मसाले, मैदे व तेल से बने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने लगा है। यह बीमारियों का बड़ा कारण है। पौष्टिक और संतुलित आहार लें। भोजन में में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। अधिक से अधिक सलाद खाने की आदत डालें। खराब कोलेस्ट्रोल से दिल का दौरा होने का खतरा अधिक होता है। डॉक्टरों की मानें तो साइलेंट हार्ट अटैक में मरीज को पहले से कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें मरीज की तत्काल मौत हो जाती है। चूंकि नियमित रूप से योग और वॉक करने से हृदयाघात की संभावना को कम किया जा सकता है। समय-समय पर जांच कराना चाहिए, जिससे कोई दिक्कत होने पर तत्काल इलाज किया जा सके। अपने फैमिली डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।