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बिटकॉइन $64,000 के नीचे फिसला, निवेशकों में बढ़ी चिंता; जानिए गिरावट की बड़ी वजहें

July 29, 2026

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में एक बार फिर दबाव देखने को मिला है। बुधवार सुबह करीब 7 बजे बिटकॉइन की कीमत गिरकर 63,802.94 डॉलर पर पहुंच गई, जिससे यह 64,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।


  • किन वजहों से टूटा बिटकॉइन?

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बिटकॉइन की गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आने से जोखिम वाले निवेश (Risk Assets) से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर किया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों से जुड़े फैसले अक्सर क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    क्रिप्टो रेगुलेशन में देरी भी बनी वजह

    अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर प्रस्तावित नियामक कानून (Crypto Regulation Bill) को लेकर भी बाजार की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। अमेरिकी कांग्रेस के सामने अगस्त अवकाश से पहले सीमित समय बचा है, जिससे इस विधेयक के पारित होने की संभावना घटती दिखाई दे रही है।

    बाजार अनुमानों के अनुसार, इस वर्ष ‘क्लैरिटी एक्ट’ के पारित होने की संभावना पहले 55 प्रतिशत मानी जा रही थी, जो अब घटकर 35 प्रतिशत रह गई है। इसे निवेशकों के घटते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

    क्या 55,000 डॉलर पर मिलेगा मजबूत सहारा?

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि नियामकीय अनिश्चितता बनी रहती है तो बिटकॉइन में और गिरावट आ सकती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर भी मान रहे हैं।

    कॉम्पस प्वाइंट के विश्लेषक एड इंगेल का कहना है कि यदि बिटकॉइन की कीमत 55,000 डॉलर तक आती है तो वहां मजबूत सपोर्ट देखने को मिल सकता है। उनके मुताबिक, यदि बाजार उस स्तर तक गिरता है तो निवेश के बेहतर अवसर बन सकते हैं।

    क्या फिर लौटेगी तेजी?

    तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि हालिया कमजोरी के बावजूद बिटकॉइन में लंबी अवधि की मजबूती के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद बाजार धीरे-धीरे स्थिर होने की कोशिश कर रहा है।

    ओपेनहाइमर के तकनीकी विश्लेषक एरी वाल्ड के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच आई तेजी का बड़ा हिस्सा गंवाने के बावजूद बिटकॉइन 58,000 डॉलर के ऊपर टिके रहने में सफल रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में एक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    72,000 डॉलर का स्तर क्यों अहम?

    विश्लेषकों के अनुसार, बिटकॉइन का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज फिलहाल करीब 72,000 डॉलर के आसपास है। जब तक बिटकॉइन इस स्तर को दोबारा हासिल नहीं कर लेता, तब तक मजबूत तेजी की पुष्टि नहीं मानी जाएगी। इसलिए आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इसी स्तर और फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों पर रहेगी।

    फिलहाल 63,000 डॉलर के आसपास पहुंचा बिटकॉइन बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि मौजूदा गिरावट के बाद बाजार धीरे-धीरे संभलेगा, जबकि अन्य का मानना है कि किसी मजबूत तेजी से पहले बिटकॉइन में एक और गिरावट देखने को मिल सकती है।

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