आरा। बिहार के भोजपुर जिले (Bhojpur district, Bihar) के आरा शहर (Ara City) में रविवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर 14 वर्षीय किशोरी के पेट से करीब दो किलोग्राम वजन का बालों का गुच्छा निकाला। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत ठीक बताई जा रही है और वह अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है।
जानकारी के मुताबिक किशोरी मूल रूप से बक्सर जिले की रहने वाली है। पेट में लगातार तेज दर्द और ऊपरी हिस्से में सूजन की शिकायत के बाद परिजन उसे इलाज के लिए आरा लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान डॉक्टरों को पेट में गठरी जैसी संरचना दिखाई दी। इसके बाद सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें पेट के अंदर बालों का बड़ा गुच्छा होने की पुष्टि हुई।
दो साल से पेट दर्द से परेशान थी किशोरी
बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रहथुआ गांव निवासी मुन्ना सिंह की 14 वर्षीय बेटी नेहा कुमारी करीब दो वर्षों से पेट दर्द की समस्या से परेशान थी। उसके पेट के ऊपरी हिस्से में सूजन और दर्द रहता था, जो समय के साथ बढ़ता गया।
परिजनों के मुताबिक किशोरी को भूख कम लगती थी और उसका वजन भी घट रहा था। इसके अलावा उसे उल्टी की शिकायत भी रहती थी। शुरुआत में समस्या का सही कारण सामने नहीं आ सका।
सीटी स्कैन में सामने आया बालों का गुच्छा
परिजन किशोरी को आरा शहर के कतीरा स्थित कंचन शल्य निकेतन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. पी. सिंह ने आवश्यक जांच और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी।
जांच रिपोर्ट में पेट के अंदर बालों का बड़ा गुच्छा दिखाई दिया। इसके बाद चिकित्सक ने किशोरी की सर्जरी कर उसे बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए बालों का वजन करीब दो किलोग्राम बताया गया।
चिकित्सक के अनुसार किशोरी को बचपन से अपने बाल खाने की आदत थी। लंबे समय तक बाल खाते रहने के कारण वे उसके पाचन तंत्र में जमा होते गए और धीरे-धीरे एक बड़े गुच्छे का रूप ले लिया। इसी वजह से उसे पेट दर्द, सूजन और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं।
डॉ. पी. सिंह ने बताया कि किशोरी के शरीर में खून की भी कमी थी। ऑपरेशन से पहले उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद उसकी स्थिति सामान्य है।
कम लोगों में पाई जाती है ऐसी समस्या
डॉक्टर के मुताबिक अपने बाल या दूसरे व्यक्ति के बाल खाने की आदत से जुड़ी यह समस्या बहुत कम लोगों में देखी जाती है। लंबे समय तक बाल पेट में जमा होने से इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है।
चिकित्सक ने कहा कि अगर किशोरी को परिजन पहले ही इलाज के लिए लेकर आते तो समस्या का उपचार काफी पहले किया जा सकता था। लेकिन इलाज में देरी के कारण पेट में बालों का गुच्छा काफी बड़ा हो गया और किशोरी को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी।
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