
मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) बनाम शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Mosque) मामले में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के विश्वरूप एवं अन्य देवों की मूर्तियों के तथ्य अदालत में पेश किए जाएंगे। ये मूर्तियां समय समय पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में कराई गई खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं जो इस समय मथुरा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जन्मभूमि पक्ष ने पत्र के माध्यम से इन सभी के बारे में पूरी जानकारी संग्रहालय से प्राप्त कर ली है। जन्मभूमि पक्ष इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जन्मभूमि पक्ष यह बात रख रहा है कि जहां वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है वही क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है जबकि मस्जिद पक्ष इसका विरोध कर रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन्मभूमि पक्ष वाद बिंदू तय कराने के लिए अपनी दलील पेश कर रहा है जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी है कि दूसरा पक्ष पहले यह तो साबित करे कि यह आस्था का विषय है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात के लिए तमाम साक्ष्य जुटा रहे हैं।
इस मामले के वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीआई के माध्यम से राजकीय संग्रहालय से उन मूर्तियों की जानकारी जुटाई है जो विभिन्न समय पर इस क्षेत्र में हुई खुदाई में प्राप्त हुई हैं। वहां से विधिवत सूचना प्रेषित कर दी गई है। ऐसी सात मूर्तियां एवं स्तंभ की जानकारी दी गई जो यहां से प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मूर्ति व एक स्तंभ ऐसा है जिसे हिंदू पक्ष अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।
ये भगवान कार्तिकेय एवं अग्निदेव की, देवी गंगा एवं विश्वरूप विष्णु भगवान की हैं। अन्य भगवान बुद्ध एवं जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ से जुड़े हैं। ये सभी कटरा केशवदेव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान से प्राप्त हुई हैं। यह पूरा क्षेत्र कटरा केशवदेव के ही नाम से जाना जाता है व अभिलेखों में भी दर्ज है।
हमनें संग्रहालय से रखी इन मूर्तियों के बारे में जानकारी ली है। चाहे भगवान विष्णु का विश्वरूप हो या भगवान कार्तिकेय या नदी देवी की मूर्ति, सभी यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र रहा है। खास तौर से भगवान कृष्ण से जुड़ा रहा है। हम ये सारे तथ्य अदालत में पेश कर रहे हैं।
-एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास
मामला अदालत में विचाराधीन है। इस दौरान विभिन्न साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाते हैं। जो भी सबूत वो कोर्ट में पेश करेंगे उसका अध्ययन कर हम अपनी दलील पेश करेंगे। पहले भी इस तरह के तथ्य पेश किए गए हैं।
-एडवोकेट तनवीर अहमद, शाही ईदगाह मस्जिद सचिव एवं पैरोकार
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