
डेस्क। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या के खिलाफ आवाज उठाने पर एक सिख युवक को प्रताड़ित और अपमानित किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से इस मामले में दखल देने की अपील की। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर एक पोस्ट में सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि युवक ने पहले सुनाम के शेरो गांव में एक छत पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था। SAD प्रमुख ने कहा, “पंजाब में ड्रग्स की समस्या के बारे में सच बोलने की हिम्मत करने वाले एक पंजाबी सिख लड़के के साथ AAP पंजाब ने यही किया है।”
सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि युवक के कपड़े उतार दिए गए, उसे पीटा गया और बिजली का झटका दिया गया। साथ ही उसकी पगड़ी और दाढ़ी के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि युवक की जांघों को ब्लेड से काटा गया और उसके घावों पर नमक रगड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवक को एक घंटे से ज़्यादा समय तक गीले जूतों से पीटा गया और बाद में नग्न अवस्था में घुमाया गया। सबके सामने उसकी मां और बहनों के साथ बदसलूकी की गई।
इस कथित घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए बादल ने कहा, “मैं इस हरकत की पुरज़ोर निंदा करता हूं और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तुरंत दखल देने की अपील करता हूं!” उन्होंने कहा, “पंजाब को इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता और न ही कराया जाएगा!” साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया से अपील की कि वे इसे “आम आदमी पार्टी द्वारा आतंकवाद” के रूप में उजागर करें।
यह घटनाक्रम पंजाब में चल रही भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सामने आया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर और AAP नेतृत्व बिचौलियों के ज़रिए जबरन वसूली का सिंडिकेट चला रहे हैं। बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि रेप के मामलों को खत्म करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक की रिश्वत मांगी गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच रिपोर्ट मांगी है, जबकि AAP इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताती है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved