
- 60-70 लाख की लागत से ग्वालियर के मूर्तिकार बनाएँगे-सप्त ऋषियों की मूर्तियाँ हो गइ्र तैयार
उज्जैन। शहर के महाकाल लोक में फाइबर की मूर्तियों की जगह पत्थर की कलाकृतियाँ स्थापित की जा रही है। परिसर में 4 शेर और माँ सरस्वती की पत्थर की मूर्तियाँ लगेंगी। सरकार की योजना के तहत इन कलाकृतियों को तैयार करने का काम ग्वालियर के मूर्तिकारों को सौंपा गया है।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार की टीम को महाकाल लोक के लिए चार विशाल शेरों और माँ सरस्वती की मूर्ति बनाने का पहला ऑर्डर दिया गया है। बता दें कि महाकाल महालोक में फाइबर मूर्तियों को हटाकर अब राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से बनी भव्य और मजबूत मूर्तियाँ स्थापित की जा रही हैं। इसी क्रम में हरिफाटक पुल के पास स्थित हाट बाजार में सप्त ऋषियों की मूर्तियाँ तैयार हो चुकी है। इनके आसन को अंतिम रुप दिया जा रहा है। विक्रम कीर्ति मंदिर में निर्मित भगवान शिव की विशाल मूर्ति को महाकाल महालोक में पहुँचाया जा चुका है। इन मूर्तियों को उड़ीसा (कोणार्क) से आए कुशल कलाकारों द्वारा राजस्थान के बयाना स्टोन पर तराशने गया है। अब नई कलाकृतियों के निर्माण में भी राजस्थान के बयाना स्टोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उपयोग अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में भी हुआ है। चार शेर और माँ सरस्वती की मूर्तियों के डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा चुका है। ग्वालियर के मूर्तिकार के अनुसार पहले ऑर्डर में चार विशाल शेरों की कलाकृतियाँ तैयार की जाएंगी। इनकी अनुमानित लागत करीब 60 से 70 लाख रुपए आएगी। इसके साथ मां सरस्वती की मूर्ति भी बनाई जाएगी। सरस्वती की मूर्ति की ड्राइंग तैयार की जा रही है, जबकि बाकी डिजाइनों को अगले 15 दिनों में अंतिम रूप दिया जाएगा।