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त्योहारी सीजन में फिर महंगी हुई चीनी…. एक माह में ₹4 प्रति किलो से ज्यादा बढ़ गई कीमत

November 05, 2026

नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम (Festive Season) में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच चीनी की कीमतों (Sugar Price Hike) ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से सप्लाई सुधारने के लिए कई कदम उठाए जाने के बावजूद चीनी के दाम पिछले एक महीने में ₹4 प्रति किलो से ज्यादा बढ़ गए हैं। देश में चीनी का औसत रिटेल प्राइस अब ₹59.50 प्रति किलो तक पहुंच गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रिटेल मार्केट के साथ-साथ थोक बाजार में भी चीनी महंगी (Sugar Expensive) हुई है। कीमतों में तेजी के पीछे उत्पादन में कमी, त्योहारों की बढ़ी मांग और सप्लाई से जुड़े दबाव जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

1 साल में ₹12-₹13 प्रति किलो महंगी हुई चीनी
चीनी की कीमतों में तेजी सिर्फ पिछले एक महीने तक सीमित नहीं है। सालभर के आंकड़ों पर नजर डालें तो रिटेल और थोक दोनों बाजारों में कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल, देश में चीनी का औसत रिटेल प्राइस ₹59.50 प्रति किलो है, जबकि थोक बाजार में औसत भाव ₹55.40 प्रति किलो पहुंच गया है। एक साल पहले रिटेल बाजार में चीनी करीब ₹46.50 प्रति किलो मिल रही थी। वहीं, थोक बाजार में इसका औसत भाव ₹43.23 प्रति किलो था, यानी सालाना आधार पर चीनी करीब ₹12-13 प्रति किलो महंगी हो चुकी है।


  • महानगरों में कहां सबसे महंगी है चीनी?
    देश के प्रमुख महानगरों में चीनी की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। 3 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता में चीनी की रिटेल प्राइस सबसे ज्यादा रही।

    शहर – मौजूदा खुदरा कीमत
    कोलकाता – ₹65 प्रति किलो
    दिल्ली – ₹64 प्रति किलो
    मुंबई – ₹61 प्रति किलो

    सरकार के कदमों के बावजूद क्यों बढ़ रहे दाम?
    सरकार ने त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्टॉक लिमिट तय करना, आयात से जुड़े विकल्पों पर काम करना, बाजार की कड़ी निगरानी और पेराई सीजन को जल्दी शुरू करना शामिल है। इसके बावजूद कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसकी एक बड़ी वजह 2025-26 में चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहना बताया जा रहा है। इसके अलावा त्योहारों में बढ़ी खपत, फसल को नुकसान, ग्लोबल मार्केट में सीमित सप्लाई और जमाखोरी की आशंका ने भी कीमतों को ऊपर बनाए रखा है।

    नई पेराई से बढ़ी सप्लाई
    चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 2026-27 का क्रशिंग सीजन जल्दी शुरू किया गया है। इस सीजन की शुरुआत 8 अक्टूबर से हुई थी। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक 152 चीनी मिलों ने उत्पादन शुरू कर दिया था। सीजन के पहले महीने में देश में करीब 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। इससे घरेलू बाजार में नई सप्लाई पहुंचने लगी है, जो त्योहारों के दौरान उपलब्धता बढ़ाने में मदद कर सकती है।

    मिठाई से लेकर रसोई के बजट तक असर
    त्योहारों के समय चीनी की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। घरों में मिठाइयां बनाने के साथ-साथ हलवाई और खाद्य कारोबार भी बड़ी मात्रा में चीनी की खरीद करते हैं। ऐसे में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है। खासकर दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में ₹60 प्रति किलो से ऊपर पहुंचा भाव त्योहारों का बजट बढ़ा सकता है।

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