
आला अधिकारियों के निर्देश और कार्रवाई भी बेअसर साबित
इंदौर। एक तरफ इंदौर प्रशासन (Indore Administration) के पास अपर कलेक्टरों (Additional Collectors) का टोटा है, तो दूसरी तरफ तहसीलदारों (Tehsildars) की भीड़ इक_ी हो गई है। पदोन्नति के बाद तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों के साथ-साथ राजस्व अमले में वृद्धि हो गई, तो दूसरी तरफ यह पहला मौका है जब तहसीलदारों-पटवारियों से लेकर राजस्व निरीक्षकों ने लूटपट्टी के नए रिकॉर्ड बना डाले हैं। आला अफसरों के निर्देशों का कहीं कोई असर नजर नहीं आता।
एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जन विश्वास अभियान चला रहे हैं और रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण करने के अलावा राजस्व से जुड़े कार्यों में लापरवाही ना करने और तय समय सीमा में राजस्व आदेश जारी करने के स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। बावजूद इसके इंदौर में पदस्थ तहसील कार्यालयों का अमला जबरदस्त ऊपरी कमाई में जुटा है। सीमांकन, नामांकन, बंटवारे से लेकर राजस्व से जुड़े हर कार्य और आदेश के बदले तगड़ी वसूली की जा रही है। यहां तक कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी लाख-दो लाख रुपए बड़ी आसानी से मांग लिए जाते हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा भी कई बार इस मामले में कार्रवाई कर चुके हैं और कल संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने भी अपने औचक निरीक्षण में कई तरह की लापरवाही पाई। संभागायुक्त ने मल्हारगंज तहसील और एसडीएम कार्यालय का जब अवलोकन किया तो राजस्व से जुड़े प्रकरणों के संचालन, संधारण और निराकरण में लापरवाही तो मिली ही, वहीं तय राजस्व नियमों-प्रक्रियाओं का पालन भी सामने नजर नहीं आया। कुछ राजस्व प्रकरणों में आदेशिका में आवश्यक उल्लेख नहीं होने, आदेश पारित करने के बाद न्यायालय की सील नहीं लगाए जाने तथा आदेशों के अमल संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति भी सामने आई। कुछ लंबित प्रकरणों को भौतिक रूप से भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए एक अन्य मामले में संबंधित नक्शा बंटाकन प्रकरण में आदेश पारित होने के बाद भी 12 दिवस तक आदेश का अमल नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस मामले में कलेक्टर को संबंधित हल्का पटवारी लोकेश नंदलाल को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मात्र दो अपर कलेक्टर कार्य विभाजन भी किया
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कल अपने दोनों अपर कलेक्टरों के बीच कार्य विभाजन किया। कलेक्ट्रेट में 2 से 3 अपर कलेक्टरों की और जरूरत है। इस नए कार्य विभाजन में नवजीवन पंवार को खनीज और माइनिंग का काम भी सौंपा गया है। इसके अलावा परिवहन, गृह निर्माण संस्था, खाद्य नागरिक आपूर्ति और खाद्य औषधि प्रशासन भी उनके जिम्मे रहेगा। वहीं दूसरे अपर कलेक्टर रिंकेश कुमार वैश्य के पास पूर्ववत कालोनी सेल का तो जिम्मा रहेगा ही, वहीं एडीएम रोशन राय के तबादले के बाद प्रोटोकॉल का जिम्मा भी अब उन्हें सौंपा गया है। इसके अलावा विभागीय जांच, कृषि उपज मंडी, आपदा प्रबंधन, लोकसेवा गारंटी सहित अन्य कार्य भी वे देखेंगे। वहीं तहसीलदारों और पटवारियों का भी नए सिरे से कार्य विभाजन किया है। कुछ नायब तहसीलदारों को प्रोटोकॉल, शिकायत, खाद्य, औषधि सहित अन्य शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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