
नई दिल्ली. अमेरिकी सेना (US Army) ने कहा है कि उसने ईरान (Iran) के रडार (Radar) और ड्रोन कमांड (Drone Command) ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई तेहरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमले ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में किए गए। हमलों में ईरान के ड्रोन नियंत्रण और रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने ईरान के शहरों गोरुक और केशम में हमले किए हैं। ये हमले ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों पर किए गए। अमेरिका ने कहा है कि ईरान ने हाल ही में उनके एमक्यू-1 ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में निशाना बनाया था। उसी के जवाब में ये हमले किए गए हैं। अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैन्य बढ़त पर जर्मनी चिंतित
जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से तत्काल संघर्ष विराम लागू करने की अपील की। वाडेफुल ने कहा कि उत्तरी इस्राइल पर हिजबुल्ला के लगातार हमलों के जवाब में इस्राइल की कार्रवाई को समझा जा सकता है, लेकिन किसी भी तरह की आगे की सैन्य बढ़ोतरी पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बनाएगी तथा लेबनान में विस्थापन की नई लहर पैदा करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सैन्य तनाव का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़े और लेबनान के कुछ हिस्से स्थायी रूप से रहने लायक न रहें, तो इससे दीर्घकाल में इस्राइल की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं होगी। इस बीच, इस्राइली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट रिज और वादी अल-सलुकी क्षेत्र में प्रवेश कर रणनीतिक महत्व वाले ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमला
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले में 8 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं इस्राइल ने भी दावा किया है कि लेबनान से उनकी तरफ रॉकेट-मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें उनके क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। अरब लीग प्रमुख ने लेबनान पर इस्राइल की आक्रामकता की निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने भी इस्राइल की आलोचना करते हुए कहा, लेबनान में इस्राइल की कार्रवाई ने कूटनीति की गुंजाइश को कमजोर किया है।
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