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Oxygen Crisis: देश के जिन 5 राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस, उन्हें मिली सबसे कम ऑक्सीजन

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन का संकट काफी गंभीर हो चुका है। दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मरीजों की मौतें हो रही हैं। इसी बीच कई देश भी भारत को ऑक्सीजन टैंक पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी वेव के कारण रोजाना कोरोना मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं उन पांच राज्यों के बारे में जहां ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है।

ताजा सरकारी डाटा के मुताबिक, कोविड चार्ट में शामिल पांच राज्यों में देश के कुल 54 फीसदी एक्टिव मामले हैं। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दिए गए लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) का केवल 42 फीसदी हिस्सा ही इन पांच राज्यों को दिया गया है। ये डाटा आठ मई को बांटे गए ऑक्सीजन के आधार पर है।

इन पांच राज्यों को 4,306 मीट्रिक टन/दिन ऑक्सीजन बांटी गई
इससे पता चलता है कि केंद्र द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बांटी गई संयुक्त ऑक्सीजन 10,000 मीट्रिक टन प्रति दिन (एमटी/ दिन) से अधिक है। वहीं, इस दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा मांगी जाने वाली ऑक्सीजन सप्लाई का आंकड़ा भी बढ़ा है।ऑक्सीजन बांटने में सिर्फ दो हफ्ते में 22 फीसदी की वृद्धि हुई है। डाटा से पता चलता है कि 11 मई तक देश में 37.15 लाख एक्टिव केस हैं, जिसमें से पांच राज्यों में संयुक्त रूप से 20.12 लाख मामले हैं। ये पांच राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश और राजस्थान हैं। इन पांचों राज्यों को 10,140 (एमटी/ दिन) के कुल बंटवारे में से हर दिन 4,306 (एमटी/ दिन) बांटी गई हैं।

8 मई के डाटा के मुताबिक, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ गुजरात और मध्यप्रदेश भी हैं। जिन्हें 5.326 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बांटा गया। यहां 11 मई को सक्रिय मामले की संख्या 16.36 लाख थी, जो इन मामलों का 44 फीसदी है। बताया जा रहा है ऑक्सीजन बांटने की प्रक्रिया एक फार्मुले के आधार पर निर्धारित की जाती है। राज्य की जल्द ही एक्टिव मामलों की जानकारी मिलते ही ऑक्सीजन की मांग का अंदाजा लगाया जाता है।

50,000 मरीज ICU में भर्ती
वहीं 27 अप्रैल को आए डाटा के मुताबिक, इन पांच राज्यों में से कर्नाटक को मिली ऑक्सीजन में बढ़ोतरी देखी गई थी। यह 802 मीट्रिक टन प्रति दिन से 1,015 मीट्रिक टन हो गई है। वहीं अन्य चार 4 राज्यों में कोई बदलाव नहीं देखा गया था।दिल्ली जिसने 700 मीट्रिक टन की मांग की थी, वहां प्रति दिन 590मीट्रिक टन के हिसाब से ऑक्सीजन दी गई। जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्ते में कोरोना की दूसरी वेव के कारण ऑक्सीजन की मांग में बढ़ोतरी देखी गई। 8 मई के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 50,000 मरीज ICU में थे। वहीं 1.37 लाख से अधिक ऑक्सीजन स्पोर्ट पर थे।

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