तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अमेरिका की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद तेहरान के प्रति वाशिंगटन (Washington) की नीति में किसी नरमी की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका (America) में सत्ता पर चाहे किसी भी राजनीतिक पार्टी का नियंत्रण हो, ईरान के प्रति उसकी दुश्मनी का रवैया नहीं बदलेगा। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद अमेरिकी नीति में बदलाव की उम्मीद करने वालों को उन्होंने गलतफहमी में बताया।
खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी सरकार पर किस पार्टी का नियंत्रण है या ईरान की ओर से कोई रियायत दी जाती है, इससे वाशिंगटन का तेहरान के प्रति रवैया प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी नतीजों के आधार पर अमेरिका की ईरान विरोधी नीति में बदलाव की उम्मीद करना सही नहीं है।
ईरानी सुप्रीम लीडर ने अमेरिका को चेतावनी दी कि यदि उसने ईरान पर दोबारा सैन्य हमला किया तो तेहरान का जवाब पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है और किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।
खामेनेई ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का जिक्र करते हुए इन्हें अमेरिकी दबदबे के खिलाफ तेहरान की सुनियोजित मुहिम का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने वैश्विक वर्चस्व के अंत को अभी दूर मान रहा है, जबकि ईरान इसे करीब देख रहा है।
गालिबफ बोले- अमेरिकी जनता ने युद्ध को नकारा
खामेनेई के बयान के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने युद्ध के खिलाफ अपना संदेश दिया है।
गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चाहे अंतरात्मा की आवाज हो या जान की कीमत, अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है और ईरान इस संदेश का समर्थन करता है। उन्होंने वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह अंतरराष्ट्रीय सौदागरों और ब्लैकमेल करने वालों के हित में अपनी जनता की इच्छा के साथ धोखा करता है तो उसे ईरान के इनकार का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप ने हार के लिए ईरान और महंगे ईंधन को बताया जिम्मेदार
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राजनीतिक झटका लगा है। चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने स्वीकार किया कि युद्ध और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान हुआ।
फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि हार के पीछे एक वजह ईरान भी था। उन्होंने कहा कि मतदाता तेहरान के खिलाफ उनके कदमों से सहमत थे, लेकिन ईंधन की बढ़ती कीमतों के तात्कालिक आर्थिक असर के लिए शायद तैयार नहीं थे।
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