
औरंगाबाद। देश में आज अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर वट सावित्री पूनम का पर्व मनाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के औरंगाबाद से चौंकाने वाली खबर आई है। पत्नी पीड़ित पुरुषों के एक समूह ने पत्नियों के अत्याचार व अन्याय से मुक्ति दिलाने और अगले जीवन में ऐसी पत्नियां नहीं मिलने की कामना को लेकर पीपल के पेड़ की 108 उल्टी परिक्रमाएं की। दरअसल औरंगाबाद के कुछ पति अपनी पत्नियों से खुश नहीं हैं। उन्होंने ‘पत्नी पीड़ित आश्रम’ बनाया है। सोमवार को इन पीड़ित पतियों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
ऐसा जीवन साथी दोबारा न मिले
आश्रम के संस्थापक भरत फुलारे ने बताया कि मंगलवार को मनाई जा रही ‘वट सावित्री पूर्णिमा’ के अवसर पर महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और सुखी वैवाहिक जीवन और सात जन्मों के लिए एक ही पति पाने की प्रार्थना करती हैं। इसलिए उससे एक दिन पहले हमने यहां एक पीपल के पेड़ की पूजा की और प्रार्थना की कि ऐसा जीवन साथी दोबारा न मिले।
पुरुषों के लिए कानून बनाने की मांग
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन उनका दुरुपयोग भी हो रहा है। अब पुरुषों के लिए भी कानून बनाने की जरूरत है ताकि वे अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें। इसलिए हमने यह आंदोलन किया।
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