
नई दिल्ली: UAE में एक बार फिर बड़ा ड्रोन हमला हुआ है. अबू धाबी (Abu Dhabi) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई. अधिकारियों के मुताबिक, हमला ईरानी ड्रोन से किया गया. अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि प्लांट परिसर में मौजूद एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लगी थी. यह आग प्लांट की बाहरी सुरक्षा सीमा के पास लगी. घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और रेडिएशन या परमाणु सुरक्षा पर भी कोई असर नहीं पड़ा.
बराकाह न्यूक्लियर प्लांट अल धफरा इलाके में स्थित है. इसे अरब दुनिया का पहला न्यूक्लियर प्लांट माना जाता है. यूएई की इलेक्ट्रिक सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से पूरा होता है. आग लगने के बाद सुरक्षा और फायर टीमों ने तुरंत हालात को काबू में कर लिया. फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन यानी FANR ने कहा कि इस घटना से न्यूक्लियर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है. प्लांट के सभी यूनिट सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं और जरूरी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा. सरकार ने लोगों से कहा है कि वे सिर्फ सरकारी जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें.
ईरान ने यूएई पर सबसे ज्यादा हमले किए
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद UAE पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं. पहले भी ऊर्जा ठिकानों और समुद्री ढांचे को निशाना बनाया गया था. हालांकि इस नए हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन UAE अधिकारियों का कहना है कि इसमें ईरान से जुड़े ड्रोन का इस्तेमाल हुआ. एक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद यूएई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा. ईरान ने यूएई पर 2,800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल दागे हैं.
अमेरिका-ईरान की वार्ता रुकी
इधर, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी रुकी हुई है. अमेरिका ने पिछले महीने अपने हमले रोके थे, लेकिन बाद में ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर भी सख्त नियंत्रण कर रखा है. रास्ता प्रभावित होने से दुनिया में तेल संकट गहरा गया है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता भी फिलहाल रुकी हुई है क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे के प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं हैं.
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