
नई दिल्ली। भारत (India) में इस साल का मानसून (Monsoon) करीब दो दशक में सबसे कमजोर रहने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में मौसम विभाग (IMD) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने मानसून के अंतिम माह सितंबर (September) में भी कम बारिश (Rain) होने की आशंका जताई है। इस दौरान देश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो 2009 के बाद यह सबसे कमजोर मानसून होगा।
भारत की करीब 70 प्रतिशत वार्षिक बारिश मानसून से होती है। बारिश में बड़ी कमी का असर खरीफ फसलों के उत्पादन, खाद्य कीमतों और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है। खासकर सितंबर में पर्याप्त बारिश नहीं होने पर कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन जैसी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इससे गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए जरूरी मिट्टी की नमी पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल सितंबर की बारिश मानसून और कृषि दोनों के लिए निर्णायक मानी जा रही है।
सितंबर में बारिश पर सबसे नजर
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में एल नीनो का असर और मजबूत होने की आशंका है। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सितंबर में बारिश की कमी दो अंकों में पहुंच सकती है। कुछ पूर्वी राज्यों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। फिलहाल इस साल के पूरे मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम है। जुलाई में एक प्रतिशत अधिक बारिश ने कुछ राहत दी। अगस्त में मानसून फिर कमजोर पड़ा।
मानसून की वापसी भी जल्दी संभव
मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, अगर कोई नई मौसम प्रणाली विकसित नहीं हुई तो मानसून अगले महीने उत्तर-पश्चिम भारत से सामान्य समय से कुछ दिन पहले लौटना शुरू कर सकता है। आमतौर पर मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से करीब 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है और अक्टूबर के मध्य तक पूरे देश से इसकी वापसी हो जाती है।
तमिलनाडु में जलभराव से आमजन परेशान
चेन्नई और आसपास के तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। चेन्नई में सोमवार सुबह तक कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में चलेगी तेज हवा
पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, कोलकाता और हावड़ा में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में अगले सात दिन भारी बारिश के आसार
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
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