
नई दिल्ली । गाजा(Gaza) में लंबे समय से अटकी सीजफायर डील (ceasefire deal)को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका (US)ने अपनी कूटनीतिक कोशिश तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump)के दामाद और अमेरिकी वार्ताकार जेरेड कुशनर ने रविवार को मिस्र में हमास के प्रमुख खलील अल हय्या से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। बातचीत में मिस्र कतर और तुर्किये के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस मुलाकात को गाजा में युद्धविराम की कोशिशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से इजरायल और हमास के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है।
कुशनर की हमास नेता से मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 15 सूत्रीय गाजा रोडमैप को आगे बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। इस प्रस्ताव में गाजा में युद्धविराम के साथ हमास के हथियार छोड़ने इजरायली सेना की गाजा से वापसी और युद्ध प्रभावित क्षेत्र के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं। हमास ने इस योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है लेकिन इजरायल ने अब तक इसे स्वीकार नहीं किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी।
मिस्र में हुई बातचीत के दौरान हमास ने अपनी शर्त भी स्पष्ट कर दी। हमास का कहना है कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले इजरायल को गाजा में सैन्य हमले रोकने होंगे और अपनी सेना को तथाकथित येलो लाइन तक पीछे हटाना होगा। इसके बाद 14 दिनों की बातचीत शुरू हो सकती है जिसमें युद्धविराम योजना को लागू करने की समयसीमा और दूसरे जरूरी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर इजरायल की सबसे बड़ी शर्त हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण है। यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बना हुआ है।
कुशनर की भूमिका इस समय इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह ट्रंप प्रशासन की ओर से बातचीत को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हमास के साथ मुलाकात के बाद उनकी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच मौजूद मतभेदों को कम करना और प्रस्तावित रोडमैप को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशना है।
अमेरिकी प्रयासों के बीच कई मुस्लिम और अरब देशों ने भी इजरायल से ट्रंप की योजना को स्वीकार करने की अपील की है। सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात जॉर्डन पाकिस्तान इंडोनेशिया मिस्र कतर और तुर्किये समेत कई देशों ने गाजा में संघर्ष खत्म करने के लिए प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाने की मांग की है।
हालांकि जमीन पर हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। गाजा के बड़े हिस्से पर इजरायली सेना के नियंत्रण और हमास के हथियार छोड़ने के मुद्दे को लेकर गतिरोध जारी है। ऐसे समय में कुशनर की हमास नेता से सीधी मुलाकात को अमेरिका की ओर से दोनों पक्षों पर दबाव बढ़ाने और बातचीत को किसी संभावित समझौते तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें कुशनर की नेतन्याहू के साथ होने वाली बातचीत और उसके बाद सामने आने वाले रुख पर टिकी हैं। अगर दोनों पक्ष अपनी प्रमुख शर्तों में कुछ लचीलापन दिखाते हैं तो गाजा में लंबे समय से लंबित सीजफायर समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद बन सकती है।
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