नई दिल्ली। पेरिस के एफिल टावर (Paris’s Eiffel Tower) में महिला कर्मचारियों को हटाए जाने के विवाद में हिंदू संगठन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) को जांच में क्लीन चिट मिल गई है। जांच में सामने आया है कि संगठन की ओर से महिला कर्मचारियों को हटाने की कोई मांग नहीं की गई थी। पिछले महीने करीब 100 संतों के एफिल टावर दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कुछ समय के लिए उनके कार्यस्थल से हटाए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने हड़ताल की थी, जिसके कारण एफिल टावर एक दिन के लिए बंद रहा था। BAPS ने भी महिला कर्मचारियों को हटाने के आरोपों से इनकार किया था।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, BAPS प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले ही महिला कर्मचारियों को कुछ देर के लिए अपनी जगह से हटने को कहा गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि आपसी संवाद के दौरान सूचना का वास्तविक अर्थ बदल गया। कर्मचारियों को स्थायी रूप से हटाने के बजाय कुछ मिनट के लिए आसपास की जगह खाली करने को कहा गया था। हालांकि, इस घटनाक्रम को एफिल टावर के संचालन में गंभीर चूक माना गया है।
संचालन कंपनी के प्रमुख साल के अंत में छोड़ेंगे पद
एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी के प्रमुख पैट्रिक ब्रांको रुइवो इस साल के अंत में अपना पद छोड़ देंगे। वह वर्ष 2018 से एफिल टावर के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनके कार्यकाल में हुई आंतरिक जांच में प्रतिनिधिमंडल के दौरे की व्यवस्था में परिचालन संबंधी खामियां और कमियां सामने आईं।
कंपनी सेते के अनुसार, इन कमियों के कारण महिला कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल से हटाया जाना अस्वीकार्य था। इस घटना के बाद कंपनी के प्रबंधन पर कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने का दबाव बढ़ा है।
पांच सितंबर को हुआ था विवाद
पांच सितंबर को BAPS से जुड़े करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने एफिल टावर का निजी दौरा किया था। रिपोर्टों के अनुसार, संगठन ने दौरे के दौरान महिलाओं के साथ बातचीत सीमित रखने का अनुरोध किया था। इसके बाद महिला कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल से हटने और उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात करने के लिए कहा गया।
घटना सामने आने के बाद कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। यूनियन प्रतिनिधि डायने दावोइन ने कहा कि महिला कर्मचारियों को भविष्य में इस तरह के व्यवहार का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद पेरिस के अधिकारियों ने भी मामले की जांच शुरू की थी।
एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी के बोर्ड अध्यक्ष एरियल वेइल ने कहा कि संस्थान में एक विशेष प्रोटोकॉल विभाग बनाया जाएगा। इसके अलावा, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए नए उपाय और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जा सके।
एफिल टावर का स्वामित्व पेरिस नगर प्रशासन के पास है। यह फ्रांस के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां हर साल करीब 70 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस विवाद ने ऐतिहासिक स्मारक के प्रबंधन और कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े सवाल भी खड़े किए।
गुजरात में हुई थी BAPS की स्थापना
बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) एक हिंदू सामाजिक-आध्यात्मिक संगठन है, जिसकी स्थापना गुजरात में 100 साल से अधिक पहले हुई थी। संस्था के साधु ब्रह्मचर्य के कड़े नियमों का पालन करते हैं। संगठन अपने अनुयायियों से भी निर्धारित नैतिक नियमों का पालन करने की अपेक्षा करता है।
जांच में संगठन की ओर से महिला कर्मचारियों को हटाने की मांग किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। वहीं, एफिल टावर के प्रबंधन ने दौरे के आयोजन में हुई चूकों को स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण उपाय लागू करने की बात कही है।
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