नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के बाद भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। UAE ने भारत में करीब 25 अरब डॉलर के नए निवेश की तैयारी की है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने के साथ-साथ रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, LPG, LNG और समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन (gas pipeline) जैसी परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ाने की योजना है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और विविध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में UAE भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। दोनों देशों की कोशिश भारत और UAE के बीच निवेश तथा व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाने की है।
एनर्जी ब्रिज बनाने की तैयारी
भारत और UAE के बीच ऊर्जा क्षेत्र में एक मजबूत ‘एनर्जी ब्रिज’ बनाने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। समुद्र के नीचे पाइपलाइन के जरिए UAE से भारत तक तेल और गैस की आपूर्ति की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा भारत में UAE के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को बढ़ाने की तैयारी है।
भारत की कोशिश है कि UAE को अपने लिए प्रमुख LPG और LNG आपूर्तिकर्ताओं में शामिल किया जाए। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
भारत और UAE के बीच चार साल पहले व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) लागू हुआ था। दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों को और विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं।
2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और UAE ने वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बंदरगाह, जहाज निर्माण, अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने की तैयारी है।
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मामले में UAE प्रमुख निवेशकों में शामिल है। वहीं, UAE में 35 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं। भारतीय समुदाय वहां कारोबार, रियल एस्टेट और आईटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2026 में 101.24 अरब डॉलर रहा द्विपक्षीय व्यापार
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 101.24 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
भारत UAE से क्या आयात करता है
भारत UAE को क्या निर्यात करता है
ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और व्यापार के इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग भारत-UAE संबंधों को आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ रणनीतिक महत्व भी दे रहा है।
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