
नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को विदेश से फंडिंग (Funding from abroad) मिलने के आरोप सरकार ने लगाए हैं। इस दौरान खासतौर से फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) और नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) का नाम लिया गया है। अब इन आरोपों पर दीपके ने सरकार से पूछा है कि सौरभ दास (Saurabh Das) को कहां से फंडिंग मिल रही है। फिलहाल, इसपर सरकार का जवाब नहीं आया है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी भी कई बार आरोप लगा चुकी है कि सीजेपी को विदेश से फंडिंग मिल रही है।
अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से जुड़ी पोस्ट शेयर की है। उन्होंने सवाल किया है, ‘और सौरभ को?’। दरअसल, सिंह ने ही आरोप लगाए हैं कि सबूत मिले हैं कि दीपके को अमेरिका और रांका को पाकिस्तान से फंड मिल रहे हैं।
सरकार के आरोप
सिंह ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में बुधवार को सीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ‘यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि उन्हें भारत विरोधी एनजीओ और भारत विरोधी संगठनों से अनधिकृत जगहों से फंडिंग मिल रही है। ये संगठन देश और देश के बाहर भी मौजूद हैं। विदेशी फंड हासिल करने वाले एनजीओ, डीप स्टेट ऑपरेटिव्स और भारत विरोधी ताकतें नैरेटिव गढ़ रहीं हैं। अभिजीत दीपके को अमेरिका में बैठे डोनर्स से फंड मिल रहे हैं, आशुतोष रांका को पाकिस्तानी नेताओं से फंड मिल रहा है।’
पहले भी लग चुके हैं आरोप
हाल ही में अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने आरोप लगाए थे कि दीपके को अमेरिकी फंड दे रहे हैं। उन्होंने कहा था, ‘भारत के सभी युवा देशभक्तों के लिए। यह समय चुप रहने का नहीं है। अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका के डोनर्स की तरफ से फंड दिया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हैं।’
उन्होंने कहा था, ‘इन चुने हुए डोनर्स का दुनिया में कंजर्वेटिव नेताओं को निशाना बनाने, उस देश के ऐसे युवा को खोजना जो अमेरिका में पढ़ा हो, उन्हें कट्टर बनाना, देश में वापस भेजने और तबाही मचाने के लिए फंड देने का एक ही पैटर्न है। अब तक इनमें से कोई भी सफल नहीं हो सका है, लेकिन देश के विकास और शासन पर असर डाला है।’
एडवोकेट हरीश साल्वे भी लगा चुके हैं आरोप
एक इंटरव्यू के दौरान हरीश साल्वे ने कहा था, ‘ये कौन हैं दीपके जी, और ये सौरभ दास और ये मिस्टर यूट्यूबर हैं क्या नाम है उनका। जर्मन नेशनल हैं। कोई इधर का नेशनल है, सब बाहर से आ गए। और अचानक भारत के नेता बन गए। इनको कहां से इतना पैसा मिल रहा है। ये सब करने के लिए। प्रोटेस्ट में पैसा लगता है।’
उन्होंने कहा था, ‘ये क्या कोई शक है कि नेपाल में गड़बड़ किसने कराई। कोई शक है कि श्रीलंका में गड़बड़ किसने कराई। बांग्लादेश में गड़बड़ किसने कराई। किसने करा है ये सब। सब बाहर की ताकतें करा रहीं हैं। इनका कहना सही है कि ये वैसे हालात भारत में कराना चाह रहे हैं।’
अमेरिका का किया था जिक्र
साल्वे ने इस दौरान खासतौर से अमेरिका का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि उन लोगों को आदत पड़ गई है कि जैसा हमने कहा वैसा करो नहीं तो हम उपद्रव करेंगे। हालांकि, इसपर दीपके ने जवाब दिया था और कहा था कि अगर कोई सबूत हैं, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दीजिए।
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