मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले (Maihar district) की एक आंगनवाड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पोषण आहार (Nutritious Diet) व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में ककरा आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को थाली में केवल नमक और पूड़ी खाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच शुरू कर दी, जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा को टैग करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों के पोषण आहार तक में लापरवाही हो रही है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेह है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) राजेंद्र बांगड़े ने जांच के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी (CDPO) अखिलेश दीपांकर की रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने दावा किया कि वायरल वीडियो हाल का नहीं, बल्कि करीब तीन महीने पुराना है। विभाग के अनुसार, वीडियो भोजन वितरण की पूरी प्रक्रिया नहीं दिखाता और इसे अधूरा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 26 जुलाई की रात गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान भोजन वितरण करने वाले ‘शिवम स्व-सहायता समूह’ की अध्यक्ष राधाबाई बीच-बचाव के लिए पहुंची थीं और उनकी बेटी ने घटना के फोटो और वीडियो बनाए थे। विभाग का आरोप है कि बाद में इसी विवाद के चलते विपक्षी गुट ने पुराना आंगनवाड़ी वीडियो वायरल कर राधाबाई पर दबाव बनाने की कोशिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दिन का वीडियो बताया जा रहा है, उस दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन जायसवाल टीकाकरण ड्यूटी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई थीं। उनकी अनुपस्थिति में 62 वर्षीय सहायिका ऊषा गौतम केंद्र का संचालन कर रही थीं। वर्तमान में पोषण आहार वितरण की जिम्मेदारी ‘शिवम स्व-सहायता समूह’ के पास है।
हालांकि विभाग ने इस मामले में स्व-सहायता समूह को तत्काल राहत देते हुए वीडियो को भ्रामक परिस्थितियों में वायरल किया गया बताया है, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में इसी समूह पर अनियमितताओं के आरोपों के चलते जुर्माना लगाया जा चुका है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आगे की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है।
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