img-fluid

बंगाल: आजादी के बाद पहली बिजली से रोशन हुआ ये गांव, 400 आदिवासी परिवारों को मिली बड़ी राहत

November 06, 2026

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हुगली जिले (Hooghly District) के चकदह गांव (Chakdah Village) में इस बार दिवाली (Diwali) की खुशियां कुछ खास होंगी। आजादी के बाद से बिजली की सुविधा से वंचित रहे इस गांव में अब घरों तक बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 400 आदिवासी परिवारों (Tribal Families) के लिए यह लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी राहत है।

चकदह गांव तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की अष्टारदत्तापुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव में कई साल पहले बिजली के खंभे तो लगा दिए गए थे, लेकिन उन पर तार नहीं बिछाए गए। इस कारण खंभे खड़े रहने के बावजूद घरों तक बिजली नहीं पहुंच सकी। अब पहली बार गांव के लोगों को बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद जगी है।

बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई होती थी प्रभावित
जानकारी के अनुसार, गांव की निवासी रूई बारी ने बताया कि आजादी के बाद से ही गांव में बिजली नहीं थी। करीब 400 परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर थे। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता था। रात के समय पढ़ना मुश्किल होता था। अब बिजली पहुंचने से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

गांव के एक अन्य निवासी महादेव ने भी बिजली पहुंचने पर खुशी जताई। ग्रामीणों के लिए यह केवल बिजली कनेक्शन मिलने की बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत की शुरुआत है।


  • चुनाव प्रचार में किया था बिजली पहुंचाने का वादा
    भाजपा विधायक संतू पान ने बताया कि गांव में बिजली के खंभे कई साल पहले लगाए गए थे, लेकिन उनमें तार नहीं डाले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के लोग 1997-98 से भाजपा को वोट देते आ रहे हैं, इसलिए पिछली टीएमसी सरकार ने यहां बिजली नहीं पहुंचाई।

    संतू पान के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से गांव में बिजली पहुंचाने का वादा किया था और जीतने पर इसे अपनी पहली प्राथमिकता बताया था। करीब एक महीने पहले जिला बिजली विभाग ने गांव में बिजली मीटर लगाने का काम शुरू किया।

    50 घरों में लगाए जा चुके हैं मीटर बॉक्स
    विधायक ने बताया कि गांव के 100 से अधिक घरों को बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 50 घरों में नए मीटर बॉक्स लगाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली मिलेगी।

    चकदह पूरी तरह आदिवासी आबादी वाला गांव है। यहां के सभी परिवार अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आते हैं और आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। बिजली पहुंचने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनके घर भी रोशन होंगे और बच्चों की पढ़ाई सहित रोजमर्रा के काम पहले से आसान हो सकेंगे।

    Share:

  • महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़: शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात, वीडियो से बढ़ी हलचल

    Fri Nov 6 , 2026
    पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति (politics) में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच संभावित सुलह और भविष्य की रणनीति को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसकी वजह एनसीपी (SP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल (Praful Patel) के बीच […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved