
कम यात्रियों के चलते ये सौगात भी बंद ना हो जाए
इंदौर। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International flights) की मांग तो लगातार की जाती है, मगर एक समस्या यह है कि विमान कम्पनियों (Airlines) को पर्याप्त यात्री नहीं मिलते। इंदौर-दुबई (Indore-Dubai) उड़ान तो सफल थी, जिसे बंद कर दिया। उसके बाद शारजहां और अब अबूधबाी (Abu Dhabi) की इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हुई। कल शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया और पहली उड़ान को झंडी दिखाकर रवाना किया। मगर 180 सीटों में से 79 ही बुक हुई और 101 सीटें खाली रहीं। अलबत्ता वापसी में अवश्य अवश्य 160 सीटें की सीटें बुकिंग बताई ग है। शासन-प्रशासन को चिंता इस बात की है कि कहीं पर्याप्त संख्या में यात्री ना मिलने के कारण ये उड़ान भी कुछ समय बाद बंद हो जाए। हालांकि 15 लाख रुपए प्रति ऐसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए प्रदेश सरकार सब्सिटी भी दे रही है। इसे वाइबिलटी गैप फंडिंग नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सब्सिडी से यात्रियों पर हवाई किराए का भार भी घटकर आधा रह जाएगा और इस तरह की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की संख्या लगभग दो गुनी हो गई है और आने वाले समय में भी प्रमुख शहरों के अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। हालांकि टूरिस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि इंदौर-बैंकॉक जैसी फ्लाइट भी अधिक सफल हो सकती है।
अबुधाबी उड़ान के हर फेरे के लिए सरकार देगी 15 लाख तो दुबई फ्लाइट क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल एयर इंडिया एक्सप्रेस की पहली अबुधाबी उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत राज्य सरकार इस उड़ान के संचालन के लिए हर फेरे पर लगभग 15 लाख रुपए की वायबिलिटी गैप फंडिंग (सब्सिडी) देगी, ताकि सेवा नियमित रूप से संचालित हो सके और यात्रियों को अपेक्षाकृत कम किराए का लाभ मिले। यह उड़ान सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस इस रूट पर 170 सीटों वाले एयरबस ए-320 विमान का संचालन करेगी। सीएम ने कहा कि पहले जहां इंदौर से अबुधाबी पहुंचने में छह से आठ घंटे तक लग जाते थे, वहीं अब सीधी उड़ान से यह सफर सवा तीन घंटे में पूरा होगा। हालांकि नई अंतरराष्ट्रीय उड़ान के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। इंदौर से विदेश यात्रा करने वाले अधिकांश यात्रियों की पहली पसंद दुबई रही है। ट्रेवल एजेंटों के अनुसार दुबई केवल एक गंतव्य नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े ट्रांजिट हब में से एक है, जहां से यूरोप, अमेरिका, कनाडा, अफ्रीका और खाड़ी देशों के लिए बड़ी संख्या में कनेक्टिंग उड़ानें आसानी से उपलब्ध रहती हैं। इसके मुकाबले अबुधाबी से कनेक्टिविटी अपेक्षाकृत सीमित मानी जाती है। विमानन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि जब राज्य सरकार इस रूट के संचालन के लिए प्रति फेरा 15 लाख रुपए की सब्सिडी दे ही रही थी, तब दुबई जैसे अधिक मांग वाले गंतव्य को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। उनका मानना है कि दुबई रूट शुरू होने से न केवल अधिक यात्री मिलते, बल्कि मध्यप्रदेश के उद्योग, व्यापार, पर्यटन और प्रवासी भारतीयों को भी अधिक सुविधा मिलती।
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