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सितंबर में डॉग बाइट के 3,626 मामल, हर छह डॉग बाइट पीड़ितों में लगभग एक बच्चा

October 05, 2026

  • 611 बच्चे हुए शिकार, कुल 4127 मामले पहुंचे अस्पताल

इंदौर। शहर में आवारा श्वानों का आतंक किस कद्र बढ़ा हुआ है, इसका अंदाजा बाइट केस की रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। सितंबर माह की रिपोर्ट में 4,127 लोगों को डॉग, कैट, मंकी बाइट के मामले सामने आए हैं। हर बार की तरह इस बार भी सबसे बड़ा हिस्सा डॉग बाइट का रहा। अकेले श्वानों ने ही 3,626 लोगों को अपना शिकार बनाया। यानी दर्ज कुल बाइट केस में करीब 88 प्रतिशत मामले डॉग बाइट के रहे।

हुकुमचंद पाली क्लिनिक (लाल अस्पताल) के 1 से 30 सितंबर तक के जारी आंकड़े बताते हैं कि कैट, मंकी, रेट और डॉग बाइट के अलावा अन्य एनिमल बाइट के 4,127 मामले अस्पताल में दर्ज किए गए, जिसमें 2,710 पुरुष, 731 महिलाएं और 686 बच्चे शामिल हैं। इनमें डॉग बाइट के 2,443 पुरुष, 572 महिलाएं और 611 बच्चे शामिल हैं। यानी डॉग बाइट के कुल दर्ज मामलों में हर छह डॉग बाइट पीड़ित में एक बच्चा शामिल रहा।

श्वान के बाद बिल्लियों का भी हमला
बाइट केस में डॉग के बाद सबसे ज्यादा मामले कैट बाइट के रहे। 281 लोगों को बिल्लियों ने काटा। इनमें 140 पुरुष, 95 महिलाएं और 46 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 160 रैट बाइट, 49 मंकी बाइट और 11 अन्य एनिमल बाइट के मामले दर्ज हुए।

जुलाई-अगस्त के मुकाबले कम हुए केस
डॉग बाइट के मामले जुलाई और अगस्त के मुकाबले कम हुए हैं, जहां जुलाई में 4118 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए थे, वहीं अगस्त में ये आंकड़ा 4024 था। सितंबर में जुलाई और अगस्त के मुकाबले फॉलोअप की संख्या में भी गिरावट आई है।

आंकड़ों पर एक नजर
बाइट जुलाई अगस्त सितंबर
डॉग बाइट 4118 4024 3626
कैट बाइट 341 311 281
मंकी बाइट 80 96 49
रेट बाइट 211 233 160
एनिमल बाइट 5 12 11

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