
नई दिल्ली। सेबी बृहस्पतिवार को दिवालिया समाधान प्रक्रिया से गुजर रहीं सूचीबद्ध कंपनियों के मामलों में सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित ढांचा अल्पसंख्यक शेयरधारकों को कॉरपोरेट दिवालया समाधान प्रक्रिया (CIRP) में उसी मूल्य और शर्तों पर भाग लेने का मौका देगा, जो समाधान आवेदक के लिए उपलब्ध है।
प्रस्तावित ढांचे के तहत, कॉरपोरेट देनदार के मौजूदा सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारकों को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (वर्तमान में 25 फीसदी) तक नई इकाई की पूरी तरह से इक्विटी हासिल करने का अवसर मिलना चाहिए। मूल्य निर्धारण की शर्तें वही होनी चाहिए, जिस पर समाधान आवेदक ने सहमति व्यक्त की है। अब तक 28 सूचीबद्ध कंपनियां सीआईआरपी में लिक्विडेशन प्रक्रिया पूरी कर चुकी हैं। 52 कंपनियों को मंजूरी के बाद हटा दिया गया है। 23 कंपनियां मंजूरी के लिए सूचीबद्ध हुई हैं।
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