1. आदि कटे तो दशरथ सुत हूं, मध्य कटे, तो ‘आम’। अंत कटे, तो शहर बना इक, बूझो मेरा नाम।
उत्तर. आराम
2. उलटी हो कर ‘सब कुछ होती, सीधी रहूं तो सब को ढोती। जल्दी से मेरा तुम बच्चों, नाम कहो जसतस। वरना बुद्ध कान पकड़ लो और कहो तुम ‘बस’।
उत्तर. बस
3. सीधा करो तो पता चले, उलटा करके ताप चढ़े। किसी को ढूंढों, चिट्टी लिखो, मेरी जरूरत आन पड़े।
उत्तर. पता
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved