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मनोवैज्ञानिक युद्ध से घबराया चीन, 18 ताइवानी सैन्य अधिकारियों पर घोषित किया इनाम

October 12, 2025

बीजिंग । चीन और ताइवान (China and Taiwan) के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। शनिवार को चीन की पुलिस (China police) ने ताइवान (Taiwan) के 18 सैन्य अधिकारियों की जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा की है। चीन ने इन अधिकारियों पर “अलगाववादी संदेश” फैलाने और “मनोवैज्ञानिक युद्ध” चलाने का आरोप लगाया है। बीजिंग की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि इन अधिकारियों के खिलाफ अधिकतम 10,000 युआन (लगभग 1,400 अमेरिकी डॉलर) का इनाम दिया जाएगा।

‘मनोवैज्ञानिक युद्ध इकाई’ के सदस्य बताए गए अधिकारी
चीन के श्यामन शहर की सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने इन 18 लोगों की तस्वीरें, नाम और ताइवानी पहचान पत्र नंबर जारी किए हैं। श्यामन शहर ताइवान जलडमरूमध्य के उस पार ताइवान के बिल्कुल सामने स्थित है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, ये सभी ताइवान की सेना की “मनोवैज्ञानिक युद्ध इकाई” के मुख्य सदस्य हैं। यह यूनिट कथित रूप से दुष्प्रचार फैलाने, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने, मनोवैज्ञानिक युद्ध चलाने और प्रचार प्रसार से जुड़ा कार्य करती है। श्यामन पुलिस ब्यूरो ने कहा, “लंबे समय से ये लोग अलगाववादी गतिविधियों को भड़काने की साजिश रच रहे थे।”


  • ‘फर्जी वेबसाइट, गेम और वीडियो के जरिए प्रचार’ का आरोप
    चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ताइवानी अधिकारियों ने “दुष्प्रचार फैलाने वाली वेबसाइटें” बनाई, “उकसाने वाले गेम्स” तैयार किए, “फर्जी वीडियो सामग्री” से जनता को गुमराह किया और “गैरकानूनी रेडियो स्टेशन” के जरिए “घुसपैठ” की। शिन्हुआ के अनुसार, इन अभियानों में ताइवान को “विदेशी ताकतों से सहयोग” भी मिला, जो जनता की राय को “प्रभावित करने और चीन विरोधी भावना” बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

    ताइवान ने आरोपों को किया खारिज
    इस पर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन की यह कार्रवाई “एक तानाशाही शासन की हठी सोच” को दर्शाती है। मंत्रालय ने कहा, “यह कदम हमारे लोगों में विभाजन पैदा करने, हमारी सरकार को नीचा दिखाने और संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) युद्ध छेड़ने का प्रयास है।” ताइवान ने आगे कहा कि चीन ऐसे आरोप “हमारे लोकतांत्रिक समाज में सूचना की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करते हुए, मनगढ़ंत व्यक्तिगत आंकड़े जोड़कर” तैयार करता है। रक्षा मंत्रालय ने दोहराया कि “राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना और जनता की भलाई सुनिश्चित करना हर सैनिक और अधिकारी का कर्तव्य है।”

    प्रतीकात्मक कार्रवाई, लेकिन तनाव बढ़ा
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह ‘वॉन्टेड नोटिस’ प्रतीकात्मक ही है, क्योंकि ताइवानी सैन्य अधिकारी या खुफिया एजेंट खुले तौर पर चीन की यात्रा नहीं करते। साथ ही, चीन की कानूनी प्रणाली का ताइवान पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस घटनाक्रम से एक दिन पहले, ताइवान के राष्ट्रपति लाइ चिंग-ते ने ताइवान की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने चीन से अपील की थी कि वह बल प्रयोग द्वारा द्वीप पर कब्जा करने की सोच छोड़ दे। इसके जवाब में चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी और लाइ को “मुसीबत पैदा करने वाला” और “युद्ध भड़काने वाला” बताया।

    यह पहली बार नहीं है जब चीन ने ताइवानी सैन्य अधिकारियों पर इनाम की घोषणा की है। इसी साल जून 2025 में बीजिंग ने 20 ताइवानी सैन्य हैकरों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था। उस समय भी ताइपेई ने चीन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि “ताइवान डरने वाला नहीं है।”

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