img-fluid

ईरान-इजरायल संघर्ष बढ़ा तो किसानों के सामने खाद संकट और महंगाई की चुनौती

March 04, 2026

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। यदि ईरान और इजरायल (Iran and Israel) के बीच संघर्ष लंबा खिंचता है और खाड़ी क्षेत्र प्रभावित रहता है, तो भारत (India) में उर्वरकों की आपूर्ति में बाधा आ सकती है। यह स्थिति खासतौर पर किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के छह देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15.56 लाख करोड़ रुपये रहा। ऐसे में खाड़ी देश भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं, और मौजूदा तनाव कई स्तरों पर चुनौती खड़ी कर सकता है।

आयात पर संभावित असर

उर्वरक
भारत यूरिया और फॉस्फेट जैसे उर्वरकों के कच्चे माल के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। यूरिया और डीएपी की सप्लाई के लिए अकेले ओमान पर निर्भरता लगभग 46 प्रतिशत है।

यदि होर्मुज जलसंधि बंद होता है, तो उर्वरक की भारी किल्लत हो सकती है। इससे कीमतों में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।


  • सोना
    भारत में सोने का बड़ा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात से आता है। युद्ध के कारण समुद्री परिवहन की लागत बढ़ सकती है और सुरक्षित निवेश की ओर लोगों का रुझान बढ़ने से सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है।

    खजूर और अन्य खाद्य उत्पाद
    भारत अपनी कुल खजूर की आवश्यकता का 80-90 प्रतिशत खाड़ी देशों से आयात करता है। अधिकांश खजूर यूएई से आती है, जबकि ओमान से ताजी और सूखी खजूर की बड़ी खेप आती है। समुद्री मार्ग बाधित होने पर इन उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं।

    निर्यात पर प्रभाव

    चावल और अन्य अनाज
    सऊदी अरब, इराक, यूएई और ओमान भारत के प्रमुख खरीदार हैं। भारत से निर्यात का लगभग आधा हिस्सा खाड़ी देशों और ईरान को जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 60 लाख टन बासमती चावल निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 50,312 करोड़ रुपये थी।

    समुद्री मार्ग बंद होने या मार्ग लंबा होने से माल ढुलाई महंगी हो सकती है और निर्यात प्रभावित होगा।

    मांस और समुद्री उत्पाद
    खाड़ी देशों में भारतीय जमी हुई मछली और झींगा की बड़ी मांग है। परिवहन में बाधाओं के कारण निर्यात घट सकता है।

    दवाइयां
    भारत जेनेरिक दवाओं का बड़ा आपूर्तिकर्ता है। आपूर्ति में बाधा आने से निर्यात राजस्व प्रभावित हो सकता है और कंपनियों को सामान भेजने में कठिनाई होगी।

    मशीनरी और वाहन भाग
    मशीनरी, वाहन के पुर्जे और निर्माण सामग्री की खेप में देरी हो सकती है। इससे छोटे और मध्यम उद्योग प्रभावित होंगे। जनवरी में खाड़ी देशों को मशीनरी निर्यात में 16 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी।

    वस्त्र और परिधान
    खाड़ी देशों का बाजार रेडीमेड वस्त्र और वस्त्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। कुल निर्यात का मूल्य लगभग 1.79 अरब डॉलर है। शिपिंग लागत बढ़ने से प्रतिस्पर्धा घट सकती है और निर्यातकों को नुकसान हो सकता है।

    Share:

  • अफगान-पाक सीमा पर संघर्ष तेज, तालिबान का दावा- 5 दिन में 150 पाक सैनिक मारे, 40 पोस्ट पर कब्जा

    Wed Mar 4 , 2026
    नई दिल्ली। अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच दुर्गम डूरंड सीमा पर जारी तनाव अब खुली सशस्त्र लड़ाई में बदल चुका है। अफगान सीमा बलों के प्रवक्ता अबीदुल्लाह उकाब (Abidullah Uqab) ने बताया कि बीते पांच दिनों में अफगान-तालिबान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंचाई है। तालिबान-афगान लड़ाकों के अनुसार इस संघर्ष […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved