
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में एक रैली को संबोधित किया. ममता सरकार के खिलाफ पीएम मोदी की इस रैली के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, इस बीच रैली से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में झड़प हो गई. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के पहुंचने से ठीक पहले दोनों पक्षों में झड़प हुई, जिसमें भाजपा जिला अध्यक्ष समेत कई लोग घायल हो गए. वहीं, टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बंगाल की मंत्री डॉ. शशि पांजा के कार्यालय पर पथराव किया.
बीजेपी और टीएमसी में आरोप-प्रत्यारोप
हंगामा होने के बाद हालात पर काबू पाने के लिए इलाके में अतरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया है. डॉ. शशि पांजा का दावा है कि बीजेपी के लोगों ने उनके आवास पर हमला किया, कुछ बाहरी लोगों ने भी उनके घर को निशाना बनाया. इतना ही नहीं पांजा ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों को ले जा रही बसों में पत्थर रखे हुए थे. वहीं, दूसरी ओर बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की रैली में जाते वक्त उनके वाहनों पर पथराव किया, जिसमें बीजेपी के कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्नाय घोष भी घायल हो गए हैं.
50 से अधिक टीएमसी कार्यकर्ता घायल
पांजा के अनुसार, झड़प में 50 से अधिक टीएमसी कार्यकर्ता घायल हुए हैं. वे खुद एक बड़े पत्थर के निशाने पर होने से बाल-बाल बचीं. उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं. पांजा ने कहा, ‘कोलकाता में आज जो गुंडागर्दी हुई, वो बंगाल में कभी नहीं देखी गई. ये लोग हत्यारे हैं.’ दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं को हाथ, पैर और सिर पर चोटें आईं. स्थानीय लोगों के अनुसार, झड़प दोपहर में शुरू हुई और जल्द ही पथराव में बदल गई.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही थी. अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. यह घटना ऐसे समय में घटी है जब पश्चिम बंगाल 2026 विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है. टीएमसी अपनी सत्ता बचाने की जद्दोजहद में है, जबकि बीजेपी पिछले चुनाव में 77 सीटें जीतकर मजबूत चुनौती के रूप में उभरी है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved