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गंगा एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई मिलेगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

April 29, 2026


हरदोई । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को (To the Economy of Uttar Pradesh) भी नई ऊंचाई मिलेगी (Will also give New Heights) ।


  • उत्तर प्रदेश के हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि यह परियोजना न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे सिर्फ दूरी कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि विकास के ‘ग्रोथ कॉरिडोर’ हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई गंगा एक्सप्रेसवे की आधारशिला आज उनके ही करकमलों से लोकार्पित होकर ‘विजन से हकीकत’ में बदल गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक चुनौती के बावजूद इस परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने हरदोई की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह की आस्था से जुड़ी रही है, और ऐसे पावन अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वागत प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नए भारत’ की परिकल्पना अब ‘नए उत्तर प्रदेश’ के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

    एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रामीण सड़कों के व्यापक नेटवर्क ने प्रदेश में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है, जिससे निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता, दंगों और माफिया राज के कारण विकास की कल्पना भी मुश्किल थी, लेकिन बीते वर्षों में ‘डबल इंजन सरकार’ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में चार लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का नेटवर्क तैयार हुआ है। हर जिला मुख्यालय को चार लेन और ब्लॉक-तहसील स्तर तक दो लेन सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे सिर्फ दूरी कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि विकास के ‘ग्रौथ कॉरिडोर’ हैं। इनके साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जो किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगभग 18,000 एकड़ भूमि किसानों से ली गई है, जबकि इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इस परियोजना से जुड़े 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने उनका आभार व्यक्त किया।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार की कार्यशैली ‘शिलान्यास से उद्घाटन’ तक प्रतिबद्धता निभाने की रही है और गंगा एक्सप्रेसवे इसका सशक्त उदाहरण है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में इस 594 किलोमीटर लंबे, छह लेन (भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित) एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर का उद्घाटन किया। एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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