
जयपुर । कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar) ने पाकिस्तान (Pakistan) के साथ संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय और पाकिस्तानी आम लोग भाषा, संस्कृति और मानसिकता में काफी समान हैं, जिससे आपसी समझ आसान हो सकती है। अय्यर ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पाकिस्तान के कबाब अच्छे हो सकते हैं, लेकिन दोस्ताना प्रतिस्पर्धा में हम कह सकते हैं: “नहीं, हमारे कबाब तुम्हारे से बेहतर हैं।”
भारत की विदेश नीति पर सवाल
अय्यर ने भारत की हालिया विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अचानक भारत अमेरिका के इतने निकट क्यों हो गया और इज़राइल के साथ इतनी घनिष्ठता क्यों बना ली? उन्होंने रूस पर हमारी निर्भरता पर भी चिंता जताई। अय्यर ने कहा कि अगर 1947 में विभाजन नहीं हुआ होता, तो उस क्षेत्र के लोग आज हमारे नागरिक होते। इसके बावजूद सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों पर चर्चा होती है। उनका मानना है कि असली साहस आमने-सामने बैठकर संवाद करने में है।
संवाद की लंबी प्रक्रिया जरूरी
अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता आवश्यक है क्योंकि यह दोनों पक्षों को अपनी शिकायतें रखने और गलतियों को समझने का मौका देती है। उन्होंने इसे लंबी प्रक्रिया बताया, जो महीनों तक चल सकती है और इतिहास के हर पहलू को समेटेगी।
हिंदू राष्ट्र विचार को लेकर चेतावनी
मणिशंकर अय्यर ने हिंदू राष्ट्र के विचार पर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदुओं की संख्या अधिक है, लेकिन मुसलमान लगभग 20 करोड़ हैं और अन्य धर्मों के अनुयायी करीब 5 करोड़ हैं। यदि भारत अपनी राष्ट्रीय पहचान केवल हिंदू राष्ट्र के आधार पर बनाएगा और मुसलमानों को शत्रु मानेंगे, तो देश जीवित नहीं रह पाएगा। उनके अनुसार, इस विचार से भारत कम से कम 43 अलग-अलग राज्यों में बंट सकता है।
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