
नई दिल्ली। इंदौर से लेकर दिल्ली तक फायर सिस्टम की नाकामी के चलते कई लोगों की अर्थियां सज गईं। इंदौर में जहां फायर ब्रिगेड के एक घंटा देरी से पहुंचने के चलते आठ लोगों की मौत हो गई, वहीं दिल्ली में पहुंची फायर ब्रिगेड की हाईड्रोलिक क्रेन के 45 मिनट तक नहीं खुलने के कारण तीन साल की बच्ची सहित 9 लोगों की मौत हो गई।
दिल्ली में लगी आग की घटना की सूचना सूचना के बाद पहला आपात दस्ता 15 से 20 मिनट में मौके पर पहुंचा, लेकिन जिस ब्रांटो स्काई लिफ्ट से राहत की सबसे ज्यादा उम्मीद थी, वह मौके पर पहुंचने पर बेकार साबित हुआ। उसका हाईड्रोलिक सिस्टम फेल हो गया और वह ऊपर उठ ही नहीं सका। यानी जिस मशीन पर जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी थी, उसने मौके पर दगा दे दिया। पहली ब्रांटो के फेल होने पर दूसरी गाड़ी बुलाई गई जो कनॉट प्लेस दमकल केंद्र से पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इसमें करीब 45 से 60 मिनट तक नाजुक वक्त बेकार चला गया। बेबस परिवार जान बचाने की गुहार लगाता रह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाईड्रोलिक ब्रांटो स्काई लिफ्ट समय पर काम करती तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन तकनीकी खराबी और राहत कार्य में करीब एक घंटे की देरी ने हालात ऐसे बिगाड़ दिए कि आग ऊपरी मंजिल तक फैल गई और हादसा तीन साल की बच्ची समेत नौ लोगों की मौत की त्रासदी में बदल गया।
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