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राज्यसभा में अमित शाह पेश करेंगे CAPF Bill, क्या है इसमें-इससे क्या बदलेगा?

March 23, 2026

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे. बताया जा रहा है कि इस विधेयक बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ जैसे अर्धसैनिक बलों में आईजी (IG) और उसके ऊपर के पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के बारे में नियम तय किए गए हैं.

यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के मई 2025 के उस फैसले के बाद लाया जा रहा है, जिसमें CAPFs में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कम करने और छह महीने के भीतर कैडर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि ऊंचे पदों पर बाहरी नियुक्तियों के कारण CAPF अधिकारियों में पदोन्नति में ठहराव की समस्या पैदा हो रही है, जिससे मनोबल प्रभावित हो सकता है. वहीं, CAPF के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर की है. उनका आरोप है कि अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया गया.


  • इस बिल का मकसद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को एक समान कानून के तहत विनियमित करना है. फिलहाल CRPF, BSF, ITBP और SSB जैसे बल अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं. सरकार का मानना है कि एक समान ढांचा न होने से प्रशासनिक दिक्कतें और सेवा विवाद बढ़ते हैं. इस बिल के तहत आईजी स्तर के 50% पद आईपीएस अफसरों से भरे जाने का प्रस्ताव है. इसके अलावा एडीजी स्तर के कम से कम 67% पद आईपीएस अधिकारियों को दिए जाएंगे. वहीं एसडीजी और डीजी स्तर के सभी पद प्रतिनियुक्ति के जरिए भरे जाएंगे.

    ये पूरा विवाद सीएपीएफ बनाम आईपीएस का है. सीएपीएफ में दो तरह के अधिकारी होते हैं. पहले- IPS यानी इंडियन पुलिस सर्विस के अधिकारी. इन्हें सरकार डेप्युटेशन पर कुछ समय के लिए सीएपीएफ में भेजती है. और दूसरे- कैडर अधिकारी जो सीएपीएफ में सीधे भर्ती होते हैं. कैडर अधिकारियों की भर्ती UPSC की ओर से आयोजित CAPF (AC) एग्जाम के जरिए होती है. यह पूरा विवाद CAPF बनाम IPS का है.

    सीएपीएफ में दो तरह के अधिकारी होते हैं. पहले- IPS यानी इंडियन पुलिस सर्विस के अधिकारी. इन्हें सरकार डेप्युटेशन पर कुछ समय के लिए CAPF में भेजती है. और दूसरे- कैडर अधिकारी जो CAPF में सीधे भर्ती होते हैं. कैडर अधिकारियों की भर्ती UPSC की ओर से आयोजित CAPF (AC) एग्जाम के जरिए होती है.

    संसद की कार्यसूची के अनुसार, प्रस्तावित कानून का उद्देश्य CRPF, BSF, ITBP, CISF और SSB जैसे बलों के अलग-अलग नियमों को एक ढांचे में लाना है, ताकि प्रशासनिक जटिलताओं और बार-बार होने वाली मुकदमेबाजी को कम किया जा सके. सरकार का तर्क है कि IPS अधिकारियों की मौजूदगी से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है.

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