
मुंबई। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (Congress leader Vijay Vadettiwar) ने अशोक खरात (Ashok Kharat) मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इस मामले का खुलासा हुआ तो सरकार पर बड़ा असर पड़ सकता है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने दावा किया कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात (Swayambhu Baba Ashok Kharat) को बड़े लोगों को बचाने के लिए बलि का बकरा बनाया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सबूतों को नष्ट करने की कोशिश हो सकती है और खरात को नुकसान पहुंचने का खतरा भी है, जिससे ‘एपस्टीन जैसा मामला’ सामने आ सकता है।
39 विधायकों के संपर्क का दावा
वडेट्टीवार ने कहाकि खरात को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए, साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने कथित तौर पर उसकी मदद की। उन्होंने मंत्री दीपक केसरकर के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें 39 विधायकों के खरात से संपर्क में होने की बात कही गई थी। उन्होंने मांग की कि इन सभी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और केसरकर से जुड़े नाम सार्वजनिक करने को कहा। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश हो रही है और इसमें शामिल सभी लोगों, चाहे वे विधायक हों या मंत्री, की गहन जांच होनी चाहिए।
पीएम मोदी पर भी निशाना
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश की समस्याओं की अनदेखी कर चुनावी राजनीति पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक वस्तुओं, जैसे एलपीजी सिलेंडर, के लिए लंबी कतारों का जिक्र करते हुए सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए।
बढ़ गई पुलिस हिरासत
इस बीच महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात की पुलिस हिरासत रविवार को एक अप्रैल तक बढ़ा दी। खरात को 18 मार्च को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब एक महिला ने उनपर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख हैं और वर्षों से उनसे महाराष्ट्र के कई प्रमुख राजनेता मिलते रहे हैं। शहर के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में अब तक उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से आठ कथित यौन उत्पीड़न या शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
100 से अधिक शिकायतें
पुलिस ने शनिवार को बताया था कि खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को पिछले कुछ दिनों में फोन पर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाओं की हैं। खरात को पिछली पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद रविवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान, लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच अभी बाकी है।
पानी की जांच अभी बाकी
बागडे ने कहाकि कई महिलाएं अब भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रही हैं और उस तथाकथित ‘पानी या तरल पदार्थ’ की जांच अभी बाकी है, जिसे खरात यौन शोषण से पहले पीड़ितों को बहलाने-फुसलाने के लिए देते थे। उन्होंने कहाकि आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच की जा चुकी है और ‘क्लोन रिपोर्ट’ प्राप्त हो गई है।
राजनीतिक संपर्कों के इस्तेमाल की जांच
अभियोजक ने अदालत को बताया कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या खरात ने अपने संपर्कों-विशेष रूप से राजनीतिक नेताओं-के नाम फर्जी पहचान के साथ फोन में सेव किए थे और कई डिजिटल सबूतों की अभी जांच की जानी है। सरकारी वकील ने कहा कि विस्तृत पड़ताल के लिए तीन और दिन की हिरासत की जरूरत है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील सचिन भाटे ने कहा कि एसआईटी वही दलीलें दे रही है जो पिछली सुनवाई के दौरान पुलिस हिरासत के लिए दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस हिरासत बढ़ाने का कोई कारण नहीं है।
दूसरी ओर, एक पीड़ित का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील एम वाई काले ने खरात की पुलिस हिरासत बढ़ाने की अभियोजक की मांग का समर्थन किया। दलीलें सुनने के बाद, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एम वी भराडे ने खरात की पुलिस हिरासत एक अप्रैल तक बढ़ा दी।
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