
डेस्क। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल से जारी जंग के बीच बड़ा बयान दिया है। गालिबफ ने कहा है कि दुश्मन की आक्रामकता का कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ने की खबरें आ रही हैं। गालिबफ ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान की जनता, सर्वोच्च नेता के नेतृत्व में ना केवल अपने अधिकारों की रक्षा करेगी, बल्कि दुश्मन को उनके किए पर पछतावा भी कराएगी।
मोहम्मद बाघर गालिबफ ने दावा करते हुए कहा कि दुश्मन अपनी इच्छा को ही खबर बनाकर पेश करता है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “दुश्मन अपनी इच्छाओं को ही खबर बनाकर पेश करता है, और साथ ही हमारे राष्ट्र को धमकाता भी है। यह एक बड़ी गलती है। अगर वो हम पर वार करेंगे, तो उन्हें कई वार झेलने पड़ेंगे। ईश्वर ने चाहा तो, ईरान की जनता, सर्वोच्च नेता के नेतृत्व में, दुश्मन को उसकी आक्रामकता पर पछतावा कराएगी और अपने अधिकारों को वापस हासिल करेगी।”
गालिबफ ने अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जमीन के रास्ते होने वाले किसी भी हमले करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह कूटनीतिक पहलों ‘जिसमें 15 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव भी शामिल है’ का इस्तेमाल, अपनी गुप्त आक्रमण योजनाओं को छिपाने के लिए एक आड़ के तौर पर कर रहा है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ईरानी सेनाएं जमीन के रास्ते घुसने की कोशिश करने वाले किसी भी अमेरिकी सैनिक का इंतजार कर रही हैं। गालिबफ ने मौजूदा अमेरिकी कूटनीतिक संकेतों को फेक न्यूज कहकर खारिज कर दिया, जिनका मकसद वैश्विक वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करना है।
गालिबफ ने कहा कि तेहरान अब अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों में कोई फर्क नहीं करेगा, और इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकानों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए वैध लक्ष्य घोषित करेगा। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में हालात जंग से पहले वाले स्थिति में नहीं लौटेंगे।
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