
उज्जैन। उज्जैन शहर में सिंहस्थ को लेकर चल रहे कामों में एक होटल को संवारने का काम भी जुड़ गया है। शहर के बीचोबीच स्थित हेरिटेज बिल्डिंग ग्रांड होटल का जिम्मा अब पर्यटन विभाग को मिल गया है। सिंहस्थ से पहले इसे संवार लिया जाएगा। साढ़े आठ करोड़ में इस होटल की सूरत बदल जाएगी।
श्री महाकाल महालोक बनने के बाद उज्जैन के धार्मिक पर्यटन में हुए इजाफे के बाद पर्यटन विभाग भी उज्जैन में ज्यादा ध्यान दे रहा है। बीते लंबे समय से विभाग इस होटल को लेने के लिए प्रयासरत था। अब ये नगर निगम के पास से मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के खाते में आ गई है। विभाग सिंहस्थ से पहले इसे संवारकर शुरू कर देगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस होटल को संवारने के लिए विभाग ने 8 करोड़ 60 लाख 17 हजार रुपए का बजट तय किया है। इसके लॉन से लेकर इसके सभी कमरे फिर से रेनोवेट किए जाएंगे। शहर के बीचोबीच होने का फायदा मिलेगा कि इसका लॉन ही इतना बड़ा है कि एक हजार लोगों के साथ आराम से कोई भी समारोह आयोजित किया जा सकेगा। चूंकि, ये भी हेरिटेज बिल्डिंग है, इसलिए इसे फिर से नए रूप में तैयार करने का काम बेहद सावधानी और उसी तकनीक से किया जाएगा, जो तकनीक तब इस्तेमाल की गई थी।
उज्जैन में पहले से विभाग के चार होटल
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के उज्जैन में पहले से चार होटल मौजूद हैं, जो श्री महाकाल महालोक बनने के बाद कभी भी खाली नहीं रहे। ये होटल अवंतिका, उज्जैनी, शिप्रा और सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज हैं। अवंतिका में 32, उज्जैनी में 33, शिप्रा रेसीडेंसी में 43 और द सम्राट विक्रमादित्य में 22 कमरे हैं। सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज (महाराजवाड़ा) प्रीमियम कैटेगरी की होटल है। पुरानी तीनों होटल का रेनोवेशन चल रहा है और सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज का भी विस्तार चल रहा है।
रंग से लेकर वायरिंग तक नई
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस होटल में कमरे ज्यादा नहीं है। 12 कमरे हैं, जिन्हें पूरी तरह से रेनोवेट किया जाएगा। वाटर प्रूफिंग से लेकर रंग और दीवारों पर फिनिशिंग के काम भी किए जाना हैं। कई जगह वायरिंग को लेकर समस्या है, उसे भी बदला जाएगा। लॉन को भी नए स्वरूप में निखारा जाएगा। रेस्टोरेंट भी फिर से तैयार किए जाएंगे।
शान है हेरिटेज बिल्डिंग
बताया जा रहा है कि शहर के मध्य में स्थित ये प्रॉपर्टी हेरिटेज श्रेणी में आती है और इसे उज्जैन की शान माना जाता है। पर्यटन विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही इसका काम शुरू कर देगा, ताकि ये सिंहस्थ से पहले बनकर तैयार हो जाए। नगर निगम ही इस बिल्डिंग में होटल संचालित किया करता था, लेकिन ये घाटे में था। अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की रुचि के कारण इस हेरिटेज बिल्डिंग को देश में नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी ये पसंद थी। हालांकि, कुछ साल पहले इस होटल को पर्यटन विभाग के अधीन देने का स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ था।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved