
खंडवा। खंडवा जिले (Khandwa District) के ग्राम भोजाखेड़ी के 30 वर्षीय आशिक मंसूरी (Aashiq Mansuri) , जिन्हें इलाके में “सांपों का माहिर खिलाड़ी” कहा जाता था, बुधवार रात को एक जहरीले कोबरा सांप (Cobra snake) को पकड़ते हुए अपनी जान गंवा बैठे।
हादसा कैसे हुआ
बरुड़ गांव में किसान नारायण पटेल के आंगन में चमकदार और जहरीला कोबरा दिखाई दिया। डर के माहौल में आशिक मंसूरी को बुलाया गया। उन्होंने बड़ी सावधानी से सांप को काबू में किया, लेकिन जब वे उसे पानी से धोने लगे, तभी सांप ने उनकी उंगली पर जोरदार डंस मार दिया।
नहीं बच पायी जान
डंस के तुरंत बाद आशिक को स्थानीय लोग खंडवा जिला अस्पताल ले गए। आशिक ने खुद जहरीले सांप को साथ रखा ताकि डॉक्टर सही इलाज कर सकें। अस्पताल में उन्हें एंटी-स्नेक वेनम दिया गया और आईसीयू में भर्ती किया गया। कोबरा का जहर तेजी से उनके शरीर में फैल चुका था और फेफड़ों तथा नसों पर असर डाल रहा था।
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आशिक मंसूरी बुधवार रात 12 बजे निधन हो गए। उनकी बहादुरी और लोगों की जान बचाने की लगन के कारण इलाके में उन्हें खास पहचान मिली थी। गुरुवार को उनके अंतिम संस्कार में भोजाखेड़ी, बरुड़ और आसपास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही बात थी – जो दूसरों की जान बचाता था, वह खुद मौत से नहीं बच सका।
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